अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखा हमला बोलते हुए डेमोक्रेट्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय विभाग को इस मामले में तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि डेमोक्रेट्स के द्वारा की जा रही कार्यवाहियां पूरी तरह से गैरकानूनी हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य आरोप
ट्रूथ सोशल पर साझा किए गए अपने संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि डेमोक्रेटिक नेता अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और अन्य प्रतिष्ठित लोगों को महाभियोग तथा विभिन्न प्रकार की सजा भुगतने की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उन्होंने ऐसा कोई भी कृत्य नहीं किया है जिसके लिए उनके खिलाफ महाभियोग जैसी प्रक्रिया चलाई जा सके। उनके अनुसार, यह सीधे तौर पर उच्च स्तर की जबरन वसूली यानी एक्सटॉर्शन है और इसके लिए दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
दानदाताओं और समर्थकों को निशाना बनाने का दावा
अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल प्रशासनिक अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के दानदाताओं को भी जेल में डालने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इन दानदाताओं को दुनिया के सबसे सम्मानित लोगों में से एक बताया और कहा कि उन्हें केवल इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि वे रिपब्लिकन विचारधारा का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का दुरुपयोग और कानून का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का एक नया स्तर है।
मिशिगन की सीनेटर और धमकी भरे पत्रों का जिक्र
इस पूरे मामले में मिशिगन की सीनेटर एलिसा स्लोटकिन का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि सीनेटर उन युवाओं के पीछे जाने की बात कह रही हैं जो रिपब्लिकन मूल्यों में विश्वास रखते हैं या पार्टी के प्रति थोड़ा सा भी झुकाव दिखाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डेमोक्रेटिक राजनीतिक नेताओं की तरफ से कई निर्दोष लोगों को धमकी भरे पत्र भेजे गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने न्याय विभाग को औपचारिक निर्देश जारी करते हुए इस कथित आपराधिक कृत्य की तुरंत जांच करने को कहा है।



























