कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक नया पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने इतिहासकार राम गुहा की किताब 'आर्ग्यूमेंट्स विद गांधी' पर अपनी विस्तृत समीक्षा पाठकों के सामने रखी है। यह समीक्षा पत्रिका 'आउटलुक इंडिया' में प्रकाशित हुई है, जिसमें महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से चर्चा की गई है।
किताब और महात्मा गांधी का मूल्यांकन
शशि थरूर ने अपने लेख में इस बात पर रोशनी डाली है कि किस प्रकार राम गुहा ने महात्मा गांधी को एक संतुलित नजरिए से देखने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, यह किताब महात्मा गांधी को उनके अनुयायियों की तरफ से मिलने वाली अंधी और बिना सवाल की भक्ति से बचाती है। साथ ही, यह उन आलोचकों के तीखे हमलों और व्यापक निंदा से भी राष्ट्रपिता को सुरक्षित बाहर निकालती है, जो अक्सर उनके हर कदम को खारिज करने की कोशिश करते हैं। थरूर का मानना है कि राम गुहा का यह विश्लेषण पाठकों को गांधी के व्यक्तित्व को एक निष्पक्ष और तार्किक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करता है, जहां उनकी खूबियों और सीमाओं दोनों का यथार्थवादी आकलन किया जाता है.
जनता की प्रतिक्रिया
शशि थरूर के इस सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद विभिन्न मंचों पर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कई पाठकों और विचारकों ने इस बौद्धिक चर्चा और किताब की समीक्षा की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने इतिहास के पन्नों और राजनीतिक इतिहास से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर अपनी अलग-अलग राय भी रखी है।


























