उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने आठ प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने के बाद राजधानी में उनका नामांकन दाखिल कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने सभी प्रत्याशियों की ऐतिहासिक जीत की कामना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी का संगठनात्मक दम भी देखने को मिला, जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने एकजुटता प्रदर्शित की।
उम्मीदवारों की सूची और समीकरण
पार्टी की ओर से जारी आठ उम्मीदवारों की सूची में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है। घोषित प्रत्याशियों में धर्मपाल सिंह, राम प्रताप, श्रुति और प्रियंका सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। इस चयन में दो महिला प्रत्याशियों को अवसर देकर आधी आबादी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। वहीं केंद्रीय स्तर के कुछ पुराने चेहरों को इस बार मौका नहीं मिला है, जिसमें हरदीप सिंह पुरी का नाम सूची से बाहर रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के भीतर टिकट मिलने के बाद उम्मीदवारों ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्याशियों के पर्चा दाखिल करने के अवसर पर सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए नामांकन करने वाले भाजपा के सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। इसके साथ ही उन्होंने सभी उम्मीदवारों की ऐतिहासिक विजय की कामना करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पार्टी की सूची सामने आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी।
दसवीं सीट पर मुकाबला और सपा की रणनीति
राज्यसभा की कुल 10 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। भाजपा ने जहां आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी भी पीछे नहीं है। समाजवादी पार्टी ने अपने तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने का फैसला किया है, जिनका नामांकन मंगलवार को प्रस्तावित है। दसवीं सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है और राजनीतिक रणनीतियों का दौर जारी है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत की आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा और क्षेत्रफल के आधार पर चौथा सबसे विशाल राज्य है। लखनऊ इस राज्य की प्रशासनिक और विधायी राजधानी है, जबकि प्रयागराज न्यायिक राजधानी की भूमिका निभाता है। वाराणसी, आगरा, कानपुर और गोरखपुर इसके प्रमुख ऐतिहासिक व औद्योगिक शहर हैं। राज्य की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं, जबकि उत्तर दिशा में नेपाल देश स्थित है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर आम लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई नागरिकों ने जहां भाजपा प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं दीं और सरकार के कामकाज की सराहना की, वहीं कुछ अन्य लोगों ने बुनियादी समस्याओं और चुनावी राजनीति को लेकर सवाल भी उठाए।



























