गांधी जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने वहां आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और बापू के शांति, सद्भाव और सत्य के कालजयी विचारों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वहां उपस्थित बच्चों से भी विशेष रूप से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। इस स्मृति स्थल पर हर साल 2 अक्टूबर को देशभर में बापू के सिद्धांतों को याद करते हुए विभिन्न प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें समाज के सभी वर्गों और धर्मों के लोग शामिल होते हैं।
नरेंद्र मोदी ने साझा किए अपने विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने गांधी स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस अवसर पर बापू के उस शाश्वत संदेश को याद किया गया जो हमेशा समाज को रास्ता दिखाता रहेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात को विशेष तौर पर रेखांकित किया कि कार्यक्रम के दौरान नन्हे साथियों से की गई बातचीत उनके लिए सबसे खास और यादगार पल रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस पूरे आयोजन से जुड़े कुछ खास अंश भी साझा किए।
गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना और शास्त्री जी को नमन
गांधी स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सर्वधर्म प्रार्थना सभा रही, जिसमें अलग-अलग धर्मों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और भजनों का पाठ किया। इस पावन दिन पर देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है, जिन्हें देश उनके सादगीपूर्ण जीवन और ऐतिहासिक योगदान के लिए याद करता है। प्रार्थना सभा में शामिल लोगों ने दोनों महापुरुषों के देश निर्माण में दिए गए अद्वितीय योगदान को याद किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाता है।
बच्चों के साथ संवाद और सीखने की रचनात्मक गतिविधियां
कार्यक्रम स्थल पर बच्चों की मौजूदगी ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया था। प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ बड़े ही आत्मीय अंदाज में संवाद किया, उनके विचारों को सुना और उनके द्वारा बनाई गई रचनात्मक प्रस्तुतियों को देखा। स्कूली छात्रों के लिए इस तरह के आयोजनों में कई शैक्षणिक और मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं।
क्या है कनेक्ट द डॉट्स पहेली
बच्चों की रचनात्मकता को निखारने के लिए कनेक्ट द डॉट्स जैसी पहेलियां बेहद लोकप्रिय माध्यम रही हैं। यह एक विशेष प्रकार की पहेली होती है जिसमें क्रमवार संख्याबद्ध बिंदुओं की एक श्रृंखला बनी होती है। जब कोई व्यक्ति या बच्चा एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक रेखा खींचकर उन्हें जोड़ता है, तो कागज पर एक सुंदर आकृति या वस्तु का चित्र उभरकर सामने आता है। यह अक्सर सरल रेखाचित्रों के साथ बनाई जाती है ताकि बच्चे आसानी से जटिल चित्रों को पूरा करना सीख सकें। हालांकि यह मुख्य रूप से बच्चों के अभ्यास और खेल के लिए तैयार की जाती है, लेकिन इसके उन्नत संस्करणों में संख्याओं की जगह अक्षरों या प्रतीकों का इस्तेमाल होता है, जिन्हें लिज़ गोर्स्की जैसे पहेली निर्माताओं ने बड़े उम्र के लोगों के लिए वर्ग पहेली के रूप में भी ढाला है।
जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के इस संदेश और कार्यक्रम पर सोशल मीडिया पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई उपयोगकर्ताओं ने बापू और शास्त्री जी के संदेशों का समर्थन करते हुए राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया, जबकि कुछ लोगों ने राजनीतिक संदर्भों और स्थानीय प्रशासनिक मांगों को लेकर अपने विचार और प्रश्न रखे।



























