नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य के 48 भाजपा विधायकों के साथ एक अहम बैठक की। इस विस्तृत संवाद के दौरान शासन के कामकाज, जनता से जुड़े मुद्दों और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। राज्य स्तर पर जनकल्याण के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यह चर्चा आयोजित की गई थी।
विधायकों के साथ संवाद और जनसेवा का संकल्प
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नवनिर्वाचित और मौजूदा जन प्रतिनिधियों को नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक तंत्र और जन प्रतिनिधियों के बीच तालमेल ऐसा होना चाहिए जिससे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सहजता से पहुंचे। विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने, जनता की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनने और पारदर्शी व्यवस्था कायम रखने का परामर्श दिया गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ-साथ राज्य के कई दिग्गज नेता और कुल 48 भाजपा विधायक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख नीतियों, विकास कार्यों और प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। शीर्ष नेतृत्व के साथ राज्य के संपूर्ण विधायक दल की इस सामूहिक मुलाकात ने प्रशासनिक समन्वय और भविष्य के नीतिगत रोडमैप को मजबूती प्रदान करने का काम किया है।
नरेंद्र मोदी का वक्तव्य
बैठक संपन्न होने के बाद नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा कि हरियाणा के विधायकों के साथ उनका यह संवाद बेहद सुखद और सार्थक रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा का मुख्य केंद्र जनता की बेहतर सेवा करना और जनकल्याण के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी तरीके से हासिल करना था। इस औपचारिक बातचीत के माध्यम से उन्होंने प्रतिनिधियों को सुशासन के सिद्धांतों पर अडिग रहने का आह्वान किया।
हरियाणा के बारे में
हरियाणा उत्तर भारत का एक प्रमुख और समृद्ध राज्य है, जिसकी प्रशासनिक राजधानी चंडीगढ़ है। भौगोलिक रूप से इसके उत्तर में पंजाब और हिमाचल प्रदेश स्थित हैं, जबकि दक्षिण और पश्चिम में यह राजस्थान के साथ सीमा साझा करता है। पूर्व दिशा में यमुना नदी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच प्राकृतिक सीमा तय करती है। इसके अतिरिक्त, देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तीन दिशाओं से हरियाणा से घिरी हुई है, जिसके चलते राज्य का दक्षिणी भाग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नियोजित औद्योगिक और ढांचागत विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस बैठक की जानकारी सामने आने के बाद आम नागरिकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने नेतृत्व द्वारा सीधे संवाद और जमीनी शासन पर ध्यान देने की पहल की सराहना की, जबकि कुछ यूजर्स ने स्थानीय बुनियादी ढांचे, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में सुधार को लेकर सवाल भी उठाए।


























