नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती और पावन अखंड दीप के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य 'शताब्दी समारोह 2026' में हजारों साधकों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। इस ऐतिहासिक महाआयोजन में आयोजित दीपमहायज्ञ के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, साधना और राष्ट्रप्रेम के आदर्शों को सुदृढ़ करना तथा युग निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
शताब्दी समारोह 2026 और माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी
गायत्री परिवार का यह शताब्दी वर्ष देश भर में विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शांतिकुंज हरिद्वार से शुरू हुआ यह प्रेरणादायी अभियान अब राष्ट्रीय राजधानी में भव्य आयोजनों के माध्यम से नारी जागरण और सामाजिक पुनरुत्थान का संदेश प्रसारित कर रहा है। माता भगवती देवी शर्मा के जीवन दर्शन को समर्पित यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा में उनके योगदान को स्मरण करने का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि सेवा और साधना के समन्वय से ही समाज की कुरीतियों को दूर कर सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
युवाओं को नई दिशा और नशामुक्त भारत का महासंकल्प
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने इस अवसर पर युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि गायत्री परिवार का मुख्य ध्येय पूरी दुनिया को एक मंच पर लाना और मानवता को सही दिशा प्रदान करना है। इसके साथ ही नशामुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए युवाओं को संस्कारवान और अनुशासित जीवन अपनाने की प्रेरणा दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जब युवा शक्ति सेवा और साधना से जुड़ती है, तो वह पूरे विश्व में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम होती है।
अमित शाह ने कार्यक्रम को लेकर क्या विचार साझा किए
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पावन आयोजन में सम्मिलित होकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि संस्कार, सेवा और साधना ही वास्तव में गायत्री परिवार की मूल पहचान हैं। नई दिल्ली में अखंड दीप के शताब्दी वर्ष और माताजी के जन्मशताब्दी समारोह के साक्षी बनते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसे आध्यात्मिक समागम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का निरंतर विस्तार करते हैं।
परिवार के आकार के आधार पर भारत के राज्य के बारे में
पारिवारिक संरचना और सामाजिक ताने-बाने को समझने के संदर्भ में परिवार के आकार के आधार पर भारत के राज्यों का अध्ययन एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। यह प्रासंगिक विवरण राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-3) के संकलित आंकड़ों पर आधारित है, जिसे 11 अक्टूबर 2007 को जारी किया गया था। यह व्यापक सर्वेक्षण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस), मुंबई द्वारा संचालित किया गया था, जो विभिन्न राज्यों में प्रति घर सदस्यों की औसत संख्या और सामाजिक परिस्थितियों का सटीक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस बड़े आयोजन और सार्वजनिक संदेश पर लोगों ने व्यापक रूप से अपनी श्रद्धा प्रकट की। नागरिकों ने गायत्री परिवार के सेवा कार्यों और नैतिक विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज को नई प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है।




























