भारत और रूस के बीच कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने के उद्देश्य से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस की सफल यात्रा पूरी की है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय साझेदारी और वैश्विक घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की। इस आधिकारिक दौरे के समापन के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर इस यात्रा की महत्वपूर्ण झलकियां साझा कीं और दोनों देशों के रिश्तों में हुई प्रगति की जानकारी दी।
द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक वार्ता पर जोर
रूस प्रवास के दौरान एस जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और आपसी हितों के कई प्रमुख विषयों पर विचार साझा किए। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने पारंपरिक रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन और अन्य उच्च स्तरीय वार्ताओं के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने व्यापार, ऊर्जा तथा सामरिक क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर बल दिया था। जयशंकर की इस यात्रा को उसी कूटनीतिक सिलसिले की एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
विदेश मंत्री का सोशल मीडिया संदेश
अपनी यात्रा संपन्न होने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण से यह रूस यात्रा बेहद उत्पादक रही। अपने संदेश के साथ उन्होंने इस दौरे से जुड़ी कुछ खास तस्वीरें और दोनों देशों के राष्ट्रध्वज भी पोस्ट किए। उनका यह संदेश दोनों राष्ट्रों के बीच निरंतर कायम संवाद और प्रगाढ़ होते आर्थिक तथा कूटनीतिक सेतु को उजागर करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री के इस संदेश पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। लोगों ने भारत और रूस की दशकों पुरानी भरोसेमंद दोस्ती को सराहा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने के कदम का समर्थन किया। इसके साथ ही कुछ उपयोगकर्ताओं ने कोयले और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।



























