छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र बुनियादी जरूरतों के अभाव में सड़कों पर उतर आए हैं। सेलूद स्थित इस सरकारी स्कूल के 200 से अधिक विद्यार्थी पिछले लगभग दो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। बुधवार को बच्चों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग पर पहुंचकर रास्ता पूरी तरह बाधित कर दिया। लगभग एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों का भारी जमावड़ा हो गया।
स्कूल में शौचालय न होने से बढ़ी समस्याएं
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से मांग करने के बावजूद उनके स्कूल परिसर में आज तक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में सबसे ज्यादा असुविधा छात्राओं को उठानी पड़ रही है। मजबूरी में विद्यार्थियों को दूर स्थित झाड़ियों में खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता है। इसके अलावा परिसर में सुरक्षा दीवार न होने के कारण भी सुरक्षा का जोखिम बना रहता है। अपनी इन मूलभूत मांगों की ओर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए विद्यार्थियों को हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। एक छात्र ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि शौचालय न बनने की वजह से सभी 200 बच्चों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस की समझाइश और यातायात बहाल कराने का प्रयास
सड़क पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें समझाया कि मुख्य मार्ग को बाधित करने से आपातकालीन सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता है। अधिकारियों ने कहा कि चक्काजाम के कारण रोगियों को ले जा रही एंबुलेंस फंस सकती है, जिससे किसी की जान को खतरा पैदा हो सकता है। पुलिस टीम की समझाइश के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया, हालांकि छात्र अपनी मांगों के तुरंत समाधान पर अड़े रहे।
घटना के बाद तेज हुई प्रादेशिक राजनीति
छात्रों के इस जमीनी विरोध के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने उल्लेख किया कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग में ही विद्यार्थियों को शौचालय जैसी मौलिक सुविधा के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। 25 अगस्त 2026 को जारी अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सेलूद के इस स्कूल की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की।


















