भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जन्मदिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले पूर्व राष्ट्रपति के योगदान को याद करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन, वंचित तबकों के कल्याण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनके जुड़ाव की सराहना की जा रही है।
अमित शाह ने संदेश साझा कर की दीर्घायु की कामना
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को जन्मदिवस की बधाई देते हुए एक संदेश लिखा। उन्होंने कहा, "पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।" शाह ने उनके जीवन सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि एक सामान्य परिवार से आकर राष्ट्र के सर्वोच्च पद तक पहुंचना और वंचित वर्गों के उत्थान के साथ संवैधानिक दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाना सभी के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने प्रार्थना की कि पूर्व राष्ट्रपति सदैव स्वस्थ रहें और उन्हें दीर्घायु प्राप्त हो।
संवैधानिक दायित्वों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलों में योगदान
रामनाथ कोविंद ने अपने कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन किया है। राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे नीतिगत और राष्ट्रीय महत्व के विषयों में सक्रिय रहे। उनकी अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने को लेकर व्यापक अध्ययन किया था। इस समिति ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की रूपरेखा तैयार करते हुए वर्ष 2029 से एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश संबंधी अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपी थी। इसके अलावा उनकी आत्मकथा के विमोचन पर भी उनके सामाजिक व संवैधानिक योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई थी।
सार्वजनिक जीवन में जुड़ाव और जनता की प्रतिक्रिया
पूर्व राष्ट्रपति के जन्मदिन के अवसर पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राजनीतिक हस्तियों और विभिन्न संगठनों ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे। असम के मुख्यमंत्री समेत अनेक प्रमुख नेताओं ने उनके जनसेवा के संकल्प को याद किया।
सोशल मीडिया पर भी आम जनता की ओर से इस संदेश पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। बड़ी संख्या में नागरिकों ने पूर्व राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की, जबकि कुछ लोगों ने सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर अपनी टिप्पणियां और सवाल भी साझा किए।



























