हवा में उड़ते फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में अप्रत्याशित संकट के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने गजब का साहस और सूझबूझ दिखाकर 174 जिंदगियों को बचा लिया। इस्राइल की तरफ जा रही इस उड़ान में कॉकपिट के भीतर अचानक चाकूबाजी और विमान पर नियंत्रण छीनने की कोशिश की गई थी। महज 30 सेकंड के भीतर सही कदम उठाते हुए भारतीय कैप्टन ने बड़ी हवाई त्रासदी को टाल दिया।
कॉकपिट में अचानक हुआ हमला और मुकाबला
उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया था। इस हिंसक झड़प का उद्देश्य उड़ान का अपहरण करना माना जा रहा है। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद कैप्टन ने सह-पायलट का डटकर सामना किया और विमान का नियंत्रण हाथ से नहीं जाने दिया। इस साहसी कदम से विमान सुरक्षित रहा और सवार सभी लोगों की जान बच गई।
एस जयशंकर ने की त्वरित साहस की सराहना
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर भारतीय पायलट के पराक्रम का उल्लेख करते हुए उनके असाधारण धैर्य और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अत्यंत गंभीर परिस्थिति के बावजूद कैप्टन ने सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर के लोगों के साथ मिलकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की जांबाजी को सलाम करते हुए उन्हें असली नायक बताया। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने भी सह-पायलट की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए भारतीय कैप्टन के अद्वितीय शौर्य की तारीफ की।
जनता की प्रतिक्रिया
नागरिकों ने इंटरनेट पर भारतीय पायलट के पराक्रम पर गहरा गर्व जताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने आधिकारिक बयान जारी होने में देरी पर सवाल भी उठाए।



























