राजस्थान के जालोर शहर में नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच वार्ड संख्या 10 से मैदान में उतरे एक निर्दलीय प्रत्याशी का प्रचार तरीका इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। शेरू खान नाम के इस प्रत्याशी ने वोट मांगने के लिए परंपरागत रैलियों और बड़े जुलूसों का रास्ता छोड़कर बाइक पर पोस्टर और स्पीकर बांधकर सीधे गलियों में उतरने का फैसला किया है, और यही अंदाज अब उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग पहचान दिला रहा है।
मंदिर में मन्नत, बुजुर्गों के चरण स्पर्श
शेरू खान का प्रचार सिर्फ बाइक और स्पीकर तक सीमित नहीं है। वे कहीं मंदिर पहुंचकर भगवान के कान में अपनी मन्नत कहते और आशीर्वाद मांगते नजर आते हैं, तो कहीं वार्ड के बुजुर्गों के पैर छूकर उनका समर्थन और वोट मांगते हैं। उनके इस भावनात्मक और सम्मानजनक अंदाज को देखने के लिए गलियों में लोगों की भीड़ जुट रही है, और यही दृश्य अब कैमरे में कैद होकर लोगों के बीच शेयर हो रहे हैं।
टूटी सड़कों और जलभराव के बीच फिल्मी गानों पर प्रचार
प्रचार के दौरान शेरू खान वार्ड की असल समस्याओं को भी उजागर कर रहे हैं। वे उन्हीं टूटी सड़कों और पानी से भरी गलियों में खड़े होकर हिंदी फिल्मी गानों पर अभिनय करते हुए वोट मांगते हैं, जो वार्ड की बदहाल हालत की गवाही देती हैं। इस तरह वे बिना सीधे शिकायत किए ही स्थानीय मुद्दों को लोगों और प्रशासन के सामने ला रहे हैं। उनके इन पलों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे उनकी पहचान वार्ड से बाहर भी बन रही है।
कम खर्च में सीधे जनता तक पहुंचने की रणनीति
शेरू खान का कहना है कि वे बड़े संसाधनों और भारी खर्च वाले प्रचार के बजाय सीधे लोगों के बीच जाकर बात करने में भरोसा रखते हैं। बाइक पर पोस्टर और स्पीकर लगाकर वे वार्ड की हर गली तक पहुंच रहे हैं और मतदाताओं से आमने-सामने बातचीत कर रहे हैं। यह तरीका न सिर्फ कम लागत में ज्यादा लोगों तक पहुंचने का जरिया बन रहा है, बल्कि वार्ड की स्थानीय दिक्कतों को भी सार्वजनिक चर्चा में ला रहा है। फिल्मी अंदाज, बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने और अलग-अलग जगहों पर लोगों से सीधा संवाद करने की वजह से शेरू खान की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह अनोखा प्रचार तरीका मतदान के दिन कितने वोटों में बदल पाता है।


















