विशाखापट्टनम में आयोजित पारंपरिक बड़ाखाना समारोह के दौरान राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के जवानों के साथ सीधा संवाद किया और उनके समर्पण की सराहना की। नौसैनिक परंपरा में बड़ाखाना एक ऐसा विशेष अवसर होता है जहां वरिष्ठ नेतृत्व और जवान एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और सौहार्दपूर्ण माहौल में संवाद स्थापित करते हैं। इस दौरान उन्होंने सशस्त्र बलों के मनोबल और उनकी रणनीतिक तैयारियों पर जोर दिया।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौसेना की मजबूत उपस्थिति
राजनाथ सिंह ने इस बात को रेखांकित किया कि भारतीय नौसेना की गिनती आज दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेनाओं में की जाती है। समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ यह बल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। भारत के व्यापक समुद्री विजन के अनुरूप नौसेना एक विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बल के रूप में कार्य कर रही है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को बल मिलता है।
विशाखापट्टनम में साझा किया अपना संदेश
सोशल मीडिया मंच X पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने नौसैनिकों के साथ बातचीत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब भी राष्ट्र को आवश्यकता होती है, नौसेना ने सदैव तत्परता और अदम्य साहस का परिचय दिया है। नौसैनिक अड्डों पर जवानों के कल्याण के लिए बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के निरंतर विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बल के योगदान पर गर्व जताया।
जनता की प्रतिक्रिया
इस संवाद पर सार्वजनिक मंचों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई नागरिकों ने नौसैनिकों के साथ नेतृत्व के इस मेलजोल की सराहना करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने की बात कही, जबकि रक्षा क्षेत्र के प्रति उत्साही कुछ उपयोगकर्ताओं ने लंबित नौसैनिक परियोजनाओं और आगामी पोत निर्माण प्रस्तावों की स्वीकृतियों में तेजी लाने की मांग उठाई।


























