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रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर राजनाथ सिंह और ओम बिरला ने किया नमन, शौर्य व सुशासन को सराहानेता जी
5 अक्तू॰ 2026, 12:23 pm (1 घंटे पहले)· 0

रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर राजनाथ सिंह और ओम बिरला ने किया नमन, शौर्य व सुशासन को सराहा

वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पराक्रम और प्रजावत्सल शासन को याद किया।

वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती के अवसर पर देश के प्रमुख राजनीतिक नेतृत्व ने उनके अदम्य साहस, सुशासन और बलिदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 5 अक्टूबर को आयोजित इस स्मृति दिवस पर कई प्रमुख नेताओं ने गढ़ा राज्य की इस ऐतिहासिक महारानी के प्रजा हितैषी कार्यों और मातृभूमि की रक्षा के संकल्प को रेखांकित किया।

राजनाथ सिंह का संदेश और श्रद्धांजलि

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रानी दुर्गावती को उनकी जयंती पर नमन करते हुए उनके जीवन आदर्शों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपनी प्रजा के कल्याण और राज्य की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और निरंतर जनहितकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया। उनके अनुसार, रानी का संपूर्ण शासनकाल दूरदृष्टि, प्रजावत्सलता और उत्तम प्रशासनिक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है, जिसने इतिहास में सुशासन की एक मजबूत मिसाल कायम की।

ओम बिरला और अन्य नेताओं ने भी किया स्मरण

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अन्य गणमान्य नेताओं ने भी रानी दुर्गावती के योगदान को आदरपूर्वक याद किया। नेताओं ने उल्लेख किया कि रानी का अद्भुत शौर्य और मातृभूमि के प्रति उनका सर्वोच्च त्याग आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और स्वाभिमान की प्रेरणा देता रहेगा। विभिन्न मंचों पर उनके प्रशासनिक कौशल और सैन्य पराक्रम की चर्चा करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान का सम्मान किया गया।

कौन थीं रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती गढ़ा राज्य की प्रसिद्ध शासक महारानी थीं, जिन्हें भारतीय इतिहास में उनकी अप्रतिम वीरता के लिए जाना जाता है। उनका विवाह गढ़ा राज्य के राजपूत राजा दलपत शाह के साथ हुआ था, जिन्हें गोंड राजा संग्राम शाह ने गोद लिया था। अपने पति के निधन के पश्चात उन्होंने राज्य की बागडोर अत्यंत कुशलता से संभाली। उन्हें विशेष रूप से मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के खिलाफ अपने राज्य की संप्रभुता की डटकर रक्षा करने और पराक्रम दिखाते हुए वीरगति प्राप्त करने के लिए याद किया जाता है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर नेताओं के इन संदेशों के सामने आने के बाद आम नागरिकों ने व्यापक स्तर पर रानी दुर्गावती के शौर्य और आत्मसम्मान को नमन किया। लोगों ने जहां उनके सुशासन और बलिदान की सराहना की, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने ऐतिहासिक विवरणों और सामाजिक पहचान के सही उल्लेख को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की।

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सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने रानी दुर्गावती को किस अवसर पर श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया और उनके शौर्य को याद किया।
रानी दुर्गावती किस राज्य की शासक थीं?
रानी दुर्गावती गढ़ा राज्य की शासक थीं और उन्होंने अपने पति के बाद राज्य का कुशल नेतृत्व किया।
रानी दुर्गावती का विवाह किसके साथ हुआ था?
उनका विवाह गढ़ा राज्य के राजा दलपत शाह से हुआ था, जिन्हें गोंड राजा संग्राम शाह ने गोद लिया था।
रानी दुर्गावती को इतिहास में मुख्य रूप से क्यों याद किया जाता है?
उन्हें अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल साम्राज्य की सेना का बहादुरी से सामना करने और अपने सर्वोच्च बलिदान के लिए जाना जाता है।
राजनाथ सिंह ने उनके शासन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का शासन प्रजावत्सलता, दूरदृष्टि और जनहितकारी कार्यों से प्रेरित सुशासन का बेहतरीन उदाहरण था।
ओम बिरला ने रानी दुर्गावती के विषय में क्या संदेश दिया?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि रानी दुर्गावती का साहस, स्वाभिमान और त्याग देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
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