जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए एशियाई खेल 2026 में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया। इस यादगार प्रतियोगिता में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक अपनी झोली में डाले। समापन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई निशानेबाज नीरू ढांडा ने की, जिन्होंने तिरंगा थामकर दल का नेतृत्व किया। नीरू ढांडा ने इस टूर्नामेंट में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर इतिहास रचा, जिसमें महिला ट्रैप स्पर्धा में आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर जीता गया रजत पदक भी शामिल रहा।
विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
इस बार के महाकुंभ में भारतीय खिलाड़ियों ने पारंपरिक और नए खेलों दोनों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। मुक्केबाजी में असम की लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के मौके पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा महिला हाई जंप के फाइनल मुकाबले में पूजा सिंह ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। सेपक टकरा के पुरुष क्वाड्रेंट वर्ग में भारतीय टीम ने वियतनाम को 2-0 (15-12, 15-9) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ ऐतिहासिक कांस्य पदक पक्का किया। इस प्रतियोगिता में सर्फर कमाली मूर्ति, जम्मू-कश्मीर की श्रेया गुप्ता और विशाल थापर, तथा अरुणाचल प्रदेश की वुशु खिलाड़ी न्येमान वांग्सू जैसे प्रतिभाशाली एथलीटों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा
भारतीय एथलीटों की इस बड़ी उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर लिखा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत की खेल यात्रा का एक बेहद गौरवशाली अध्याय जुड़ा है। उन्होंने कहा कि 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदकों के साथ टीम इंडिया ने विभिन्न खेलों में असाधारण प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और खेल उत्कृष्टता का परिचय दिया है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आम नागरिकों और खेल प्रेमियों ने इस संदेश का गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों ने भारतीय एथलीटों के निरंतर सुधरते प्रदर्शन की सराहना की और इसे देश के खेल जगत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया।



























