अगले साल से राजधानी की सड़कों पर दौड़ेंगी 2,800 नई AC इलेक्ट्रिक बसेंभारत में बनने वाले राफेल विमानों को मिलेगा 40 साल का साथ, डसॉल्ट ने दिया भरोसाजीना प्रिंस-बाइथवुड की चिल्ड्रन ऑफ ब्लड एंड बोन की नई तस्वीरों में दिखी ओरीशा की दुनियासलमान खान के भाई सोहेल खान ने बचपन की एक दर्दनाक बात बताई, डायरेक्टर के तौर पर हिट, एक्टर के तौर पर रहे फ्लॉपराशिफल 18 जुलाई 2026: चंद्रमा का कन्या राशि में प्रवेश, मेष समेत कई राशियों में धनलाभ के आसारपुरी बीच पर सुदर्शन पट्टनायक ने रेत से बनाई भव्य फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी और मेस्सी की कलाकृतिवेनेजुएला में भूकंप से मौतें 5,100 के पार, IMF ने दी 346 मिलियन डॉलर की राहतविंध्याचल की तलहटी में वह मंदिर, जहां अर्जुन ने मांगा था विजय का वरदानटिकट कटने से खफा अवधेश नायक अब जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस के लिए प्रचार में उतरेसफारी का नया एक्सटेंशन थका देने वाली खबरों को अपने आप छिपा देगा
पश्चिम बंगाल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा, अमित शाह ने सिलिगुड़ी में की बैठकनेता जी
4 घंटे पहले· 0

पश्चिम बंगाल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा, अमित शाह ने सिलिगुड़ी में की बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली का जायजा लिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करना था। इस चर्चा में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान सरकारी रिकॉर्ड को अधिक पुख्ता बनाने और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

पंजीकरण प्रणाली की अहमियत

आधिकारिक चर्चा के दौरान यह रेखांकित किया गया कि जन्म और मृत्यु का सटीक लेखा-जोखा रखना किसी भी राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड बनाए रखने से जनसंख्या में हो रहे बदलावों की निगरानी करना आसान होता है। इसके अलावा, सरकार के पास यह डेटा भविष्य की जन कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को तैयार करने के लिए एक विश्वसनीय आधार के रूप में काम करता है।

सुरक्षा और डेटा की शुद्धता पर जोर

हाल के समय में फर्जी प्रमाण पत्रों और गलत आंकड़ों की समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच के निर्देश दिए हैं। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों को और अधिक कड़ा किया जा रहा है ताकि धोखाधड़ी पर लगाम लगाई जा सके। गौरतलब है कि भारत में वर्ष 2024 के दौरान ढाई करोड़ से अधिक जन्म पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

अमित शाह का दौरा

अपने तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान अमित शाह ने राज्य की सुरक्षा स्थिति और विकास कार्यों का जायजा लिया। इस क्रम में उन्होंने जुमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा किया और वहां तैनात सुरक्षा प्रणालियों का निरीक्षण किया। सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना उनके इस दौरे का एक प्रमुख हिस्सा रहा है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अमित शाह ने सिलिगुड़ी में किसके साथ बैठक की?
अमित शाह ने सिलिगुड़ी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का उद्देश्य राज्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली की समीक्षा करना और उसे अधिक सटीक बनाना था।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह प्रणाली जनसंख्या परिवर्तन की निगरानी करने और सरकारी नीतियों के निर्माण के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करती है।
सीमा सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
अमित शाह ने अपने दौरे के दौरान जुमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट पर सुरक्षा और निगरानी प्रणाली का निरीक्षण किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR