दिल्ली में सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर सियासी घमासान मच गया है। 18 जुलाई की सुबह प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें अनशन स्थल से जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जिसके तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की खबरें भी सामने आने लगीं। इस पूरे घटनाक्रम पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे बेहद निंदनीय बताया।
पूरा मामला क्या है
सोनम वांगचुक का नाम बीते कुछ महीनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 14 मार्च को केंद्र सरकार ने उन पर लगा एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम तत्काल प्रभाव से हटा लिया था, जिसके बाद उनकी हिरासत खत्म हो गई थी। हिरासत से रिहा होने के बाद सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठ गए थे। 17 जुलाई तक आते-आते उनका यह अनशन 20वें दिन में पहुंच चुका था और लगातार भूखे रहने के चलते उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जाने लगी थी।
बल प्रयोग को लेकर पहले से थी आशंका
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच यह सवाल जोर पकड़ने लगा था कि क्या प्रशासन उन्हें अनशन स्थल से हटाने के लिए बल प्रयोग करेगा। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए एक तरफ यह चिंता थी कि लंबे समय तक भूखे रहने से उनकी जान को खतरा हो सकता है, तो दूसरी तरफ यह आशंका भी जताई जा रही थी कि प्रशासन किसी भी वक्त कड़ा कदम उठा सकता है। कुछ ही दिनों में यह आशंका सही साबित हुई।
आज सुबह अस्पताल ले जाने पर मचा बवाल
18 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से जबरन उठाकर अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद दिल्ली में इस कार्रवाई को लेकर विवाद और गहरा गया। उन्हें अस्पताल ले जाए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच झड़प की भी खबरें सामने आईं। यह घटना सुबह होते ही तेजी से फैली और थोड़ी ही देर में देशभर के साथ-साथ दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई। सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी, ऐसे में उन्हें बलपूर्वक हटाए जाने की खबर ने पूरे माहौल को और गर्मा दिया।
अखिलेश यादव ने क्या कहा
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक को बल प्रयोग करके, जबरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना सुबह होते ही थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। उन्होंने आगे लिखा कि सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक को लेकर गहरी चिंता है। अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
जनता की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने प्रशासन की कार्रवाई को गैर-जरूरी और दमनकारी बताते हुए सोनम वांगचुक के समर्थन में बात की, वहीं कुछ यूजर्स ने बिगड़ती सेहत को देखते हुए इसे जरूरी और मानवीय कदम बताया। कई यूजर्स ने अखिलेश यादव की मंशा और उनकी टिप्पणी के समय को लेकर भी सवाल उठाए।
अन्तःस्थलीय मैदान के बारे में
इस पूरी चर्चा के बीच अन्तःस्थलीय मैदान शब्द का भी जिक्र सामने आया, जो असल में भूगोल से जुड़ा एक सामान्य शब्द है। महाद्वीपों के भीतरी हिस्सों में नदियों के जरिए मिट्टी और अवसाद के जमा होने से बने भूभाग को अन्तःस्थलीय मैदान कहा जाता है। यह शब्द आमतौर पर धरती की सतह पर बनने वाली एक खास तरह की भौगोलिक संरचना को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और इसका मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से कोई सीधा संबंध नहीं है।


























