मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। रात के समय की गई सघन जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली, जिसमें से 919 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए इस अवैध मादक पदार्थ की कुल अनुमानित कीमत 4 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त करते हुए मौके से 6 आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है।
ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही थी खेप
शुरुआती जांच और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि गांजे की यह विशाल खेप ओडिशा राज्य से लोड की गई थी और इसे सड़क मार्ग से मध्यप्रदेश की ओर ले जाया जा रहा था। अंतरराज्यीय तस्कर पुलिस से बचने के लिए पिकअप वाहनों का सहारा ले रहे थे। रात के अंधेरे में वाहनों की आवाजाही पर नजर रख रही नागपुर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों गाड़ियों को रोका और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में बोरियों में भरा गांजा बरामद किया।
तस्करी के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए सभी 6 आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ओडिशा में यह माल किसने उपलब्ध कराया था और मध्यप्रदेश में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। इस रैकेट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों की कड़ियों को भी जोड़ा जा रहा है।
इलाके में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं तस्करी की गाड़ियां
नागपुर पुलिस सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे पूर्व भी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक अन्य मामले में दो कारों को जब्त करने में सफलता पाई थी। लगातार हो रही इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि तस्कर इस रास्ते का इस्तेमाल एक कॉरिडोर के रूप में करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने के लिए अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस रैकेट में शामिल कुछ अन्य बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।



















