कराची के ओरंगी टाउन में अपनी मर्जी से निकाह करने वाली 18 साल की एक युवती की उसके सगे भाई ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी. यह दर्दनाक वारदात झूठी शान के नाम पर की जाने वाली हत्या यानी ऑनर किलिंग का हिस्सा है. मृतका ने महज तीन हफ्ते पहले अपनी पसंद के युवक से निकाह किया था और वह अपने शौहर के साथ नई जिंदगी बसर कर रही थी.
रस्मों के बहाने घर बुलाकर दिया धोखे से अंजाम
मोमिनाबाद थाने के एसएचओ शहबाज यूसुफ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका का नाम जरका बीबी था. तीन हफ्ते पहले अपनी मर्जी से विवाह करने के बाद जरका अपने पति के साथ सुरक्षित ठिकाने पर रह रही थी. जब जरका के मायके वालों को इस विवाह की पूरी जानकारी मिली, तो उन्होंने एक सोची-समझी साजिश के तहत संपर्क साधा. परिवार के लोगों ने जरका को समझाया और भरोसा दिलाया कि वे इस रिश्ते को सामाजिक तौर पर कबूल करने के लिए तैयार हैं.
मायके वालों ने वादा किया कि समाज की नजर में उनके रिश्ते को सही ठहराने के लिए एक औपचारिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा. परिजनों के इस झांसे में आकर जरका रविवार रात ओरंगी टाउन स्थित अपने माता-पिता के घर पहुंच गई. घर के भीतर कदम रखते ही माहौल पूरी तरह बदल गया. वहां मौजूद उसके भाई ने पिस्तौल निकाली और जरका पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
फरार भाई की तलाश में पुलिस की छापेमारी
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर भाई मौके से भाग निकला. पुलिस के मुताबिक आरोपी की शिनाख्त सफीर खान के तौर पर हुई है. घटना की सूचना पाकर मोमिनाबाद थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान शव को कब्जे में लेकर नजदीकी अस्पताल भिजवाया. वहां शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है.
एसएचओ शहबाज यूसुफ के अनुसार पुलिस टीमें सफीर खान के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या इस खौफनाक वारदात में परिवार के अन्य सदस्य भी सीधे तौर पर शामिल थे या उनकी कोई मिलीभगत थी. ऑनर किलिंग के इस पूरे घटनाक्रम में परिवार के बाकी सदस्यों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
कराची में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे खौफनाक मामले
पाकिस्तान में अपनी पसंद से रिश्ता जोड़ने या शादी करने पर लड़के और लड़कियों को जान से मारने का चलन थम नहीं रहा है. कराची शहर में ही इसी साल मई महीने में अपनी मर्जी से निकाह करने वाले एक नौजवान जोड़े की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 25 मई को मलिर इलाके में 20 साल की नादिया और 25 साल के नजीबुल्लाह की गाड़ी पर अज्ञात शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी.
शुरुआती तफ्तीश में ही पुलिस ने उस हमले को ऑनर किलिंग का मामला बताया था. नादिया के पिता असलम ने अपनी बेटी के निकाह के बाद 19 मई को उसके कथित अपहरण की पुलिस शिकायत दर्ज करा दी थी. इसके बाद दोनों ने मलिर की एक अदालत में पहुंचकर अपना कानूनी विवाह प्रमाणपत्र पेश किया था. कोर्ट में दस्तावेज पेश होने के बाद मुकदमा खत्म हो गया और नजीबुल्लाह के हिरासत में लिए गए पिता को भी छोड़ दिया गया था. लेकिन अदालत से निकलकर जब यह जोड़ा नादरा कार्यालय की तरफ जा रहा था, तभी घात लगाकर उनकी गाड़ी पर हमला किया गया. उस हमले में कार चालक और दो अन्य साथी किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे थे, लेकिन नादिया और नजीबुल्लाह की मौत हो गई थी.
खैबर पख्तूनख्वा में भी सामने आई थी सनसनीखेज वारदात
ऑनर किलिंग की घटनाएं केवल सिंध प्रांत या कराची तक सीमित नहीं हैं. जुलाई में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर कोहिस्तान अंतर्गत जालकोट इलाके में भी ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया था. वहां एक पुलिसकर्मी और 22 साल की एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस पड़ताल में सामने आया था कि दोनों के बीच प्रेम संबंध की भनक महिला के परिजनों को लग गई थी. इसके बाद गुस्से में आकर महिला के परिवार वालों ने पहले उस 22 वर्षीय युवती को गोलियों से भूना और फिर उस पुलिसकर्मी को भी मौत के घाट उतार दिया. उस दोहरे हत्याकांड में नामजद आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस टीमों ने कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया था.



















