पाकिस्तान इस वक्त पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है और इसकी सीधी वजह सिंधु जल संधि का सस्पेंड होना है। पाकिस्तान के बड़े-बड़े डैम और रिज़र्वायर में जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम लोग पानी की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं पाकिस्तान के नेता भारत को जंग की धमकियां देने से भी नहीं चूक रहे।
इस्लामाबाद के सेमिनार में नेताओं का हंगामा
सिंधु जल समझौते पर चर्चा के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक इंटरनेशनल सेमिनार बुलाया गया, जिसमें दुनियाभर के एक्सपर्ट्स को न्योता दिया गया। सेमिनार में शामिल एक्सपर्ट्स ज्यादातर खामोश ही बैठे रहे, लेकिन पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ से लेकर पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी तक, तमाम नेताओं ने सिंधु नदी के पानी के लिए खून बहाने तक की बात कह डाली। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इंटरनेशनल कम्युनिटी ने भारत पर दबाव नहीं बनाया, तो पाकिस्तान में लाखों लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर भारत ने सिंधु जल समझौते को दोबारा बहाल नहीं किया, तो पाकिस्तान जंग छेड़ने से भी पीछे नहीं हटेगा।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाया था बड़ा कदम
दरअसल, पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ इंडस वॉटर ट्रीटी को सस्पेंड करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही भारत ने कश्मीर में सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों पर बरसों से अटके पड़े डैम प्रोजेक्ट्स पर काम तेज़ी से शुरू करवा दिया। भारत के इस कदम ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, क्योंकि सिंचाई और पीने के पानी दोनों के लिए पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा सिंधु नदी पर ही निर्भर है।
बिलावल भुट्टो जरदारी की धमकी भरी जुबान
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने सेमिनार में कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए एक तरह की लाइफलाइन है और अगर भारत ने पाकिस्तान के हक का पानी रोका, तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंधु समझौते को सस्पेंड करके भारत असल में पाकिस्तान की जनता को प्यासा मारने की साज़िश रच रहा है, लेकिन पाकिस्तान भारत की इस दादागीरी को बर्दाश्त नहीं करेगा। बिलावल ने यह भी कहा कि सिंधु समझौते के तहत पाकिस्तान को जो पानी मिलना चाहिए, उसके लिए देश का हर नागरिक आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार है।
एनवॉयरमेंट मिनिस्टर मुसद्दिक मलिक का नरसंहार वाला बयान
पाकिस्तान के एनवॉयरमेंट मिनिस्टर मुसद्दिक मलिक ने और आगे बढ़कर कहा कि जिस तरह भारत ने पाकिस्तान का पानी रोका है, उससे साफ पता चलता है कि भारत की मंशा पाकिस्तान में नरसंहार कराने की है। उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत को समझाना चाहिए कि वो सिंधु समझौते का सम्मान करे, क्योंकि यह दुनिया की सबसे मज़बूत वॉटर ट्रीटी मानी जाती रही है। मुसद्दिक मलिक के मुताबिक, अगर सिंधु समझौता पूरी तरह टूट गया, तो तबाही मचनी तय है, क्योंकि ऐसे बड़े समझौते टूटने से अक्सर नरसंहार जैसे हालात बनते हैं। उन्होंने दुनिया से इस मामले में दखल देने की अपील भी की।
असली वजह, पाकिस्तान का पानी को लेकर डर
इन तमाम बयानों और धमकियों के पीछे की असली वजह यही है कि पाकिस्तान को आने वाले दिनों में पानी की भारी कमी का डर सता रहा है। डैम और रिज़र्वायर में गिरता जलस्तर बता रहा है कि अगर सिंधु जल समझौता जल्द बहाल नहीं हुआ, तो पाकिस्तान के लिए हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर आम जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर सीधा पड़ेगा।













