गयाजी में पिंडदान से सात पीढ़ियों का उद्धार: जानिए क्यों 2026 में पितृपक्ष के दौरान इस धाम का है विशेष महत्वफ्रिज के अंदर पानी टपकने की समस्या से हैं परेशान? सर्विसिंग मैकेनिक को बुलाने से पहले आजमाएं ये आसान घरेलू नुस्खेहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दिनों में खूब पसंद की जाती है स्वादिष्ट उड़द की फल्ली की टिकिया, यहाँ जानिए इसकी आसान रेसिपीऐपल आईफोन डुओ और सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा में महामुकाबला, जानिए फीचर्स और कीमत के मामले में कौन किस पर भारीगणेश चतुर्थी 2026 पर पारंपरिक मराठी लुक के लिए बेहद खूबसूरत हैं ये नथ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफबॉम्बे हाईकोर्ट ने मिस इंडिया यूनिवर्स नफीसा जोसेफ की खुदकुशी के मामले में उनके मंगेतर की दोषमुक्ति याचिका खारिज कीअपनी ही फिल्में देखने से कतराती हैं प्रीति जिंटा, एक्ट्रेस ने खुद बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजहब्रिक्स डिनर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने बिखेरा सुरों का जादू, किशोर कुमार के सदाबहार गीतों से जीता सबका दिलमुंबई के BKC में गायक कैलाश खेर ने बेचा अपना कमर्शियल ऑफिस, महज 10 महीनों में कमाया लाखों का मुनाफा
सिंध विभाजन की सुगबुगाहट से इस्लामाबाद में मचा हड़कंप, आसिफ अली जरदारी ने यूरोप दौरा बीच में छोड़ वतन वापसी का लिया फैसलापाकिस्तान
7 सित॰ 2026, 11:17 pm (5 दिन पहले)· 3

सिंध विभाजन की सुगबुगाहट से इस्लामाबाद में मचा हड़कंप, आसिफ अली जरदारी ने यूरोप दौरा बीच में छोड़ वतन वापसी का लिया फैसला

पाकिस्तान में प्रशासनिक बदलाव के तहत नए प्रांत बनाने के प्रस्ताव पर सियासी उबाल आ गया है। इस राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को अपना फ्रांस दौरा रद्द कर वापस लौटना पड़ रहा है।

पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के पूरे आसार बन चुके हैं। प्रशासनिक फेरबदल और देश को नए प्रांतों में बांटने की चर्चाओं ने इस्लामाबाद से लेकर लंदन तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इसी गहमागहमी के चलते पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को अपनी विदेश यात्रा को बीच में ही समेटने का कड़ा फैसला लेना पड़ा है।

अपनी इस यात्रा के क्रम में आसिफ अली जरदारी वियना और ऑस्ट्रिया के निजी पड़ावों को पार करते हुए 1 तारीख को लंदन पहुंचे थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें इसके बाद दो दिन के लिए फ्रांस के दौरे पर निकलना था। लेकिन ठीक उसी समय पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने उनके पूरे शेड्यूल को बदल कर रख दिया। फ्रांस की उनकी यात्रा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया और अब वे 8 तारीख को सीधे अपने देश लौट रहे हैं।

ये भी पढ़ें

सिंध के बंटवारे की सुगबुगाहट और सियासी तूफान

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने की योजना है। योजना मंत्री अहसान इकबाल ने एक ऐसा प्रस्ताव सबके सामने रख दिया है जिससे देश भर में बहस छिड़ गई है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करते हुए पाकिस्तान को 12 से 15 नए प्रशासनिक प्रांतों में विभाजित करने की बात कही है।

इस प्रस्ताव के सामने आते ही लंदन में मौजूद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के खेमे में गहरी चिंता बैठ गई। पार्टी के नेताओं और समर्थकों का मानना है कि यह कदम उनके सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले सिंध को खंडित करने की एक सोची-समझी चाल है। पार्टी ने इस पर तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना किसी ठोस संवैधानिक प्रक्रिया, जनता के समर्थन और राजनीतिक सहमति के सिंध के भूगोल के साथ कोई भी छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंदन में बैठकों का दौर और सेना का बढ़ता प्रभाव

इस बड़े राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के दोनों बच्चे बिलावल भुट्टो और बख्तावर भुट्टो भी भागकर लंदन पहुंचे। वहां हुई गोपनीय बैठकों में इस बात पर गंभीर मंथन किया गया कि किस तेजी से पार्टी का पारंपरिक जनाधार कमजोर हो रहा है और सिंध के भीतर पाकिस्तानी सेना का दबदबा बढ़ता जा रहा है। हालांकि अंदरूनी रणनीति के तहत बिलावल और बख्तावर ने अभी एक हफ्ता और लंदन में ही रुकने का निर्णय लिया है।

इससे पहले लंदन प्रवास के दौरान ही आसिफ अली जरदारी की मुलाकात देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से भी हुई थी। मोहसिन नकवी को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों और मौजूदा अंदरूनी हालात पर हुई इसी लंबी चर्चा के बाद राष्ट्रपति की तुरंत वतन वापसी का अंतिम फैसला लिया गया।

बिना आधिकारिक कारण के हो रही है वापसी

हालांकि राष्ट्रपति भवन की तरफ से फ्रांस का दौरा रद्द करने को लेकर कोई भी आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन पर्दे के पीछे की असली तस्वीर पूरी तरह से साफ है। देश के प्रशासनिक नक्शे को बदलने के प्रयासों और हुकूमत पर सेना के बढ़ते जा रहे दखल ने राष्ट्रपति को विदेश में ज्यादा रुकने का मौका नहीं दिया। अब तमाम अटकलों के बीच आसिफ अली जरदारी 8 तारीख को सीधे इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, जहां उनका सामना इस सुलगते हुए राजनीतिक बवंडर से होना तय है।

सवाल-जवाब

आसिफ अली जरदारी अपना यूरोप दौरा क्यों रद्द कर रहे हैं?
पाकिस्तान में नए प्रांत बनाने के प्रस्ताव और राजनीतिक संकट के कारण उन्हें अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ रहा है।
सिंध विभाजन का प्रस्ताव किसने दिया था?
योजना मंत्री अहसान इकबाल ने देश को 12 से 15 नए प्रांतों में बांटने का प्रस्ताव रखा था।
आसिफ अली जरदारी किस तारीख को वतन लौटेंगे?
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी 8 तारीख को इस्लामाबाद लौटेंगे।
लंदन में जरदारी की मुलाकात किससे हुई थी?
लंदन प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात गृह मंत्री मोहसिन नकवी से हुई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR