पंजाब के तरनतारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल की गोलीबारी में दो संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने 3 अक्टूबर को इस्लामाबाद स्थित भारतीय प्रभारी राजदूत को अपने विदेश मंत्रालय में तलब किया और पूरे मामले पर कड़ा ऐतराज दर्ज कराया। यह घटना 2 अक्टूबर की दोपहर को उस समय घटी जब सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध हलचल देखी। उल्लेखनीय है कि पंजाब राज्य पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था हमेशा बेहद कड़ी रहती है।
तरनतारन सीमा पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई
तरनतारन के भिखीविंड क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक अतुल सोनी के विवरण के मुताबिक, प्रारंभिक सूचना में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को भारतीय सीमा की ओर बढ़ते हुए देखा गया था। कुछ देर बाद उनमें से एक व्यक्ति पीछे मुड़कर वापस पाकिस्तान की तरफ चला गया। हालांकि, शेष दो संदिग्ध आगे बढ़ते रहे। सीमा पर तैनात जवानों ने उन्हें रुकने और वापस लौटने की स्पष्ट चेतावनी दी थी, लेकिन दोनों संदिग्धों ने इन चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के एक संतरी के अनुसार, दोनों व्यक्ति लगातार उकसावे वाली हरकतें कर रहे थे और जबरन भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए जवानों ने आत्मरक्षा और घुसपैठ रोकने के लिए गोलीबारी की, जिसमें दोनों संदिग्ध मौके पर ही ढेर हो गए।
घटनास्थल का मुआयना और पहचान की प्रक्रिया
गोलीबारी की इस कार्रवाई के तुरंत बाद सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी। पुलिस अधिकारी अतुल सोनी के अनुसार, मारे गए दोनों संदिग्धों की पहचान तत्काल स्थापित नहीं की जा सकी है और इस संबंध में आगे की प्रक्रिया जारी रखी गई है। इस बीच, सीमा पर सतर्कता और गश्त को और अधिक बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी अन्य संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
पाकिस्तान का विरोध और दावों में विरोधाभास
इस पूरे मामले पर पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक अलग रुख अपनाते हुए दावा किया है कि मारे गए दोनों लोग आम नागरिक थे। पाकिस्तानी पक्ष का कहना है कि वे सीमावर्ती क्षेत्र में घूमने आए थे और अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे। इस्लामाबाद ने उन्हें घुसपैठिया मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारतीय प्रभारी राजदूत को तलब कर दोनों नागरिकों की मौत पर गहरा विरोध दर्ज कराया गया है।
पारदर्शी जांच और कार्रवाई की मांग
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने अपने बयान में आरोप लगाया कि निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बिना किसी उकसावे के बल प्रयोग किया गया, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत सरकार से इस घटना की तत्काल, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच कराने की मांग रखी है। बयान में यह भी कहा गया कि जो भी कर्मी जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाए जाएं तथा जांच के निष्कर्षों व की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी पाकिस्तान सरकार से साझा की जाए।



















