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ईरानी रक्षा सौदों को लेकर अमेरिकी पाबंदियों के बीच पाकिस्तान का तेहरान संग व्यापार जारी रखने का फैसलापाकिस्तान
2 अक्तू॰ 2026, 11:43 am (41 मिनट पहले)· 1

ईरानी रक्षा सौदों को लेकर अमेरिकी पाबंदियों के बीच पाकिस्तान का तेहरान संग व्यापार जारी रखने का फैसला

वॉशिंगटन द्वारा ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़े होने के आरोप में पाकिस्तानी कारोबारी और कंपनियों पर पाबंदी लगाने के बाद इस्लामाबाद ने तेहरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार जारी रखने की बात कही है।

ईरान के साथ रक्षा व्यापार और हथियारों की आपूर्ति के आरोपों को लेकर वॉशिंगटन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसका असर अब पाकिस्तान के कारोबारी नेटवर्क पर भी पड़ा है। हथियारों तथा सैन्य उपकरणों की खरीद-फरोख्त में तेहरान के रक्षा मंत्रालय को मदद पहुंचाने के आरोप में अमेरिका ने 10 व्यक्तियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में पाकिस्तान के एक प्रमुख उद्योगपति तथा उनसे संबंधित तीन व्यापारिक फर्में भी शामिल की गई हैं। हालांकि, वॉशिंगटन की इस सख्त कार्रवाई के बावजूद इस्लामाबाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वह ईरान के साथ अपने आर्थिक व व्यापारिक संबंधों को किसी भी स्थिति में बंद नहीं करेगा।

संयुक्त राष्ट्र के दायरे से बाहर पाबंदियों को मानने से पाकिस्तान का इनकार

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने वाशिंगटन द्वारा उठाए गए कदम की वैधानिकता पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है। मंत्रालय का तर्क है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर थोपी गई पाबंदियां पूरी तरह से एकतरफा कदम हैं और इनका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के किसी आधिकारिक प्रस्ताव से कोई लेना-देना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए इस्लामाबाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो प्रतिबंध सुरक्षा परिषद से मंजूर नहीं हैं, वे पाकिस्तान की विदेश नीति अथवा व्यापार व्यवस्था पर बाध्यकारी नहीं हो सकते। इसी आधार पर पाकिस्तान ने तेहरान के साथ सीमा पार व्यापारिक गतिविधियां निर्बाध रूप से चालू रखने की सार्वजनिक घोषणा की है।

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कैवेलियर ग्रुप और वैश्विक सहयोगी कंपनियों पर शिकंजा

अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में पाकिस्तान स्थित कैवेलियर ग्रुप के चेयरमैन और उनसे जुड़ी तीन संस्थाएं प्रमुखता से शामिल हैं। खुद को पाकिस्तान की एक अग्रणी निजी रक्षा विनिर्माता और आपूर्तिकर्ता कंपनी के रूप में पेश करने वाला यह समूह घरेलू स्तर के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी अपने व्यावसायिक प्रोजेक्ट संचालित करता है। संबंधित कारोबारी पाकिस्तान की कैवेलियर डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रमुख शेयरधारक और चीफ एग्जीक्यूटिव की भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, उनका संबंध सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद उन सहयोगी फर्मों से भी पाया गया है, जिन पर अमेरिका ने शिकंजा कसा है।

ईरानी रक्षा मंत्रालय को सैन्य सहायता पहुंचाने के गंभीर आरोप

अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि पाकिस्तानी उद्योगपति और उनके कॉरपोरेट ढांचे ने ईरान के रक्षा मंत्रालय, जिसे MODAFL के नाम से जाना जाता है, के लिए बिचौलिए के तौर पर काम किया। इन आरोपों के तहत उन्होंने ईरानी रक्षा तंत्र को हथियारों की खरीद में सहायता देने के साथ-साथ वित्तीय, सामग्री और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई या पहुंचाने का गंभीर प्रयास किया। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में कैवेलियर ग्रुप की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई भी औपचारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है।

सऊदी अरब और तुर्की तक फैला जांच का दायरा

वॉशिंगटन की इस ताजा कार्रवाई की जद में केवल पाकिस्तान की स्थानीय फर्में ही नहीं हैं, बल्कि इसका प्रसार पश्चिमी एशिया के अन्य देशों तक भी देखा गया है। सऊदी अरब में स्थित कैवेलियर डायनामिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ की गई कार्रवाई में सऊदी अधिकारियों ने भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया। इस समन्वय से यह संकेत मिलता है कि तेहरान के रक्षा क्षेत्र को मदद पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क को तोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी कंपनियों की वित्तीय तथा तकनीकी कड़ियों की गहन पड़ताल की जा रही है।

सवाल-जवाब

अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर प्रतिबंध क्यों लगाए हैं?
अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों और संबंधित कारोबारी ने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियारों की खरीद में बिचौलिए की भूमिका निभाई और वित्तीय व तकनीकी मदद दी।
इस कार्रवाई में कुल कितने लोगों और कंपनियों पर पाबंदी लगी है?
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के रक्षा मंत्रालय को मदद पहुंचाने के आरोप में कुल 10 लोगों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
अमेरिकी प्रतिबंधों पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का क्या रुख है?
पाकिस्तान ने इन प्रतिबंधों को एकतरफा बताया है और कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लागू न होने के कारण यह उन पर बाध्यकारी नहीं हैं, इसलिए ईरान संग व्यापार जारी रहेगा।
प्रतिबंधों के दायरे में आई मुख्य पाकिस्तानी कंपनी कौन सी है?
प्रतिबंधों के दायरे में पाकिस्तान की निजी रक्षा फर्म कैवेलियर ग्रुप और कैवेलियर डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख शामिल हैं।
क्या इस मामले में सऊदी अरब की किसी कंपनी पर भी कार्रवाई हुई है?
हां, सऊदी अरब स्थित कैवेलियर डायनामिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज पर भी कार्रवाई की गई है, जिसमें सऊदी अरब ने सहयोग किया।
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