गोवा के पर्वरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के काम में हुई अत्यधिक देरी को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में 16 से 17 साल का लंबा वक्त लग जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इतनी देरी के बाद इस सड़क का उद्घाटन करने में उन्हें भारी शर्मिंदगी महसूस होती है। इस वजह से उन्होंने घोषणा की है कि वह इस मार्ग के उद्घाटन समारोह में बिल्कुल शिरकत नहीं करेंगे।
नितिन गडकरी ने बताया कि मुंबई से निकलकर कोंकण के रास्ते गोवा तक जाने वाला यह मार्ग महाराष्ट्र के विकास के लिए बेहद आवश्यक है, लेकिन इसके निर्माण के दौरान कई ठेकेदार अपने काम में पूरी तरह विफल रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत देते हुए कहा कि उनके विभाग के नाम अब तक सात विश्व कीर्तिमान दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब वह एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं। वह एक साल के भीतर सबसे ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और डिबार करने के साथ-साथ सर्वाधिक अधिकारियों को निलंबित करने का नया इतिहास रचना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वह अब किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सड़क का निरीक्षण और वर्तमान प्रगति
परियोजना की मौजूदा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि मुंबई-गोवा हाईवे का लगभग 90 से 95 प्रतिशत काम अब पूरा हो चुका है। हाल ही में इस प्रोजेक्ट को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी संपन्न हुई है। उन्होंने घोषणा की है कि आगामी अक्टूबर महीने में वह खुद सड़क मार्ग के जरिए मुंबई से गोवा तक की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह पूरे हाईवे का व्यक्तिगत तौर पर निरीक्षण करेंगे और यह जायजा लेंगे कि जमीनी स्तर पर काम किस प्रकार पूरा किया गया है।
राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट
इसी अवसर पर नितिन गडकरी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठने वाली चर्चाओं पर भी विराम लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के कई अन्य राज्यों से भी चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिलते रहते हैं, लेकिन वह अपनी मुख्य कर्मभूमि और कार्यभूमि को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी पार्टी उन्हें अवसर प्रदान करती रहेगी, वह अपना मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र नहीं बदलेंगे। उनके इस बयान से यह साफ संकेत मिलते हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने पुराने क्षेत्र नागपुर से ही लड़ेंगे। इससे पहले, नितिन गडकरी ने गलत डीपीआर तैयार करने वालों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के लिए सीधा जिम्मेदार ठहराया था तथा उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।



















