बिहार सरकार के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री और सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के सबसे प्रमुख युवा चेहरों में से एक निशांत कुमार ने सोमवार को अपना इक्यावनवां जन्मदिन मनाया। अपने पिता, पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में हाल ही में अपनी एक नई जगह बनाने वाले निशांत का यह खास दिन बेहद सादगी और शालीनता से भरा रहा। उन्होंने किसी भी तरह के बड़े दिखावे या भारी-भरकम राजनीतिक आयोजन के बजाय धार्मिक अनुष्ठान और पारिवारिक माहौल को तरजीह दी। इस अवसर पर उन्होंने अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में केक काटकर खुशियां साझा कीं और सम्मानपूर्वक अपने पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। अपने जीवन के इस अहम पड़ाव पर, उन्हें मिले इस अपार प्रेम और भारी समर्थन के लिए उन्होंने अपने तमाम शुभचिंतकों के प्रति गहरा आभार जताया। एक समय तक राजनीतिक चकाचौंध से दूर रहने वाले इस नेता ने अब सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने का भारी-भरकम बीड़ा पूरी मजबूती से उठा रखा है।
महावीर मंदिर में पूजा और जनसेवा का संकल्प
अपने जीवन के इस नए साल की शुरुआत उन्होंने राजधानी पटना के बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक महावीर मंदिर में भगवान के दर्शन के साथ की। स्वास्थ्य मंत्री सुबह-सुबह पूरे भक्ति भाव के साथ मंदिर परिसर पहुंचे और वहां पूरे विधि-विधान के साथ विशेष पूजा अर्चना संपन्न की। ईश्वर के सामने नतमस्तक होकर उन्होंने न सिर्फ अपने बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की, बल्कि पूरे बिहार राज्य की तरक्की, सुख, समृद्धि और शांति की भी विशेष रूप से कामना की। इसके अलावा उन्होंने आम लोगों की निस्वार्थ सेवा करने के अपने पुराने संकल्प को एक बार फिर से भगवान के सामने दोहराया। जिस समय वह मंदिर में दर्शन और प्रार्थना कर रहे थे, वहां मौजूद कई आम श्रद्धालुओं और पार्टी के उत्साही समर्थकों ने भी उन्हें पहचान लिया और उन्हें उनके जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां दीं।
मुख्यमंत्री का संदेश और दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
इस खास मौके पर उन्हें शुभकामनाएं देने वालों की कोई कमी नहीं रही और दिन भर राजनीतिक गलियारों में उनके जन्मदिन की खासी चर्चा रही। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें विशेष रूप से याद किया। उन्होंने फोन कॉल और एक प्यारे संदेश के माध्यम से निशांत कुमार को उनके जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने भी मुख्यमंत्री द्वारा दिखाए गए इस अपनेपन और सम्मान के लिए उन्हें दिल से धन्यवाद कहा। इसके अलावा उनके सरकारी आवास पर दिन भर बड़े नेताओं और गणमान्य हस्तियों का आना-जाना लगातार लगा रहा। सूबे के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा खुद चलकर उनके घर पहुंचे। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात कर उनके एक स्वस्थ, लंबे और सफल राजनीतिक करियर की कामना की।
आवास पर उमड़ी विधायकों और मंत्रियों की भारी भीड़
राज्य मंत्रिमंडल के कई अन्य सदस्य भी अपने युवा सहयोगी को बधाई देने उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचे और माहौल को पूरी तरह से उत्सवी बना दिया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपनी मंगलकामनाएं दीं। उनके अलावा विधायक नचिकेता मंडल, कोमल सिंह, बबलू मंडल और विधान परिषद सदस्य भारती मेहता ने भी उनके निवास पर जाकर उन्हें सीधे तौर पर बधाई दी। पार्टी के भीतर काम करने वाली महिलाओं ने भी इस मौके पर अपनी खास उपस्थिति दर्ज कराई। जनता दल (यूनाइटेड) की वरिष्ठ नेत्री अंजुम आरा और राज्य की प्रवक्ता पूजा पैट्रिक के नेतृत्व में कई महिला प्रतिनिधियों और बहनों ने भी उनसे मुलाकात की। मंत्री ने अपने घर आए सभी अतिथियों और शुभचिंतकों का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया और अपना कीमती समय निकालने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से लेकर बिहार की राजनीति तक का सफर
बीस जुलाई उन्नीस सौ पचहत्तर को जन्मे निशांत कुमार, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और स्वर्गीय मंजू सिन्हा की इकलौती संतान हैं। दो हजार सात में अपनी मां को खोने वाले निशांत आज इक्यावन वर्ष की आयु में भी अविवाहित हैं और अपने बेहद शांत तथा सरल स्वभाव के लिए पूरे बिहार में अच्छी तरह पहचाने जाते हैं। पिता की ही तरह उनका झुकाव भी शुरू से ही तकनीकी शिक्षा की तरफ ज्यादा रहा। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के जाने-माने सेंट करेन स्कूल से प्राप्त की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए मसूरी के प्रसिद्ध मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल का रुख किया। इसके बाद उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बिट) मेसरा में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर अपनी तकनीकी काबलियत साबित की।
सक्रिय राजनीति में एंट्री और तेजी से बढ़ता राजनीतिक कद
लंबे समय तक वह राजनीति से पूरी तरह कटे रहे और केवल कुछ गिने-चुने मौकों पर ही अपने पिता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते थे। लेकिन बिहार की सियासत में तब एक बड़ा बदलाव आया, जब आठ मार्च दो हजार छब्बीस को उन्होंने औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली और पूरी तरह से सक्रिय राजनीति के मैदान में उतर गए। पार्टी से जुड़ने के बाद से ही संगठन और राज्य सरकार दोनों में उनका ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर गया है। इसी का नतीजा है कि आज वह बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जैसे बहुत ही अहम और चुनौतीपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका पूरा ध्यान अब राज्य के अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं को पूरी तरह से दुरुस्त करने के साथ-साथ अपनी पार्टी के जनाधार को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत करने पर केंद्रित है।




















