नई दिल्ली में जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने पार्टी के सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। इस सांगठनिक चर्चा के दौरान उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों को संसद के पटल पर राज्य के जनहितकारी मामलों और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को पुरजोर ढंग से रेखांकित करने की हिदायत दी। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य संसदीय कार्यवाही के दौरान बिहार की आवश्यकताओं और आम जनता की आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से उठाना था।
संसदीय रणनीति और विकास के मुद्दों पर मंथन
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने सांसदों का मार्गदर्शन करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार के हितों की रक्षा करना पार्टी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संसद सत्र में पूरी प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ राज्य की प्राथमिकताओं को सामने रखना चाहिए। विचार-विमर्श के दौरान बिहार के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक कल्याण और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत बातचीत हुई।
शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में बनी भावी योजना
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस शिष्टाचार भेंट और मार्गदर्शन सत्र में जदयू के कई प्रमुख राष्ट्रीय व प्रांतीय नेता मौजूद रहे। इनमें पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा संसदीय दल के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए और भावी रणनीतियों पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में उपस्थित नेताओं और सांसदों में निम्नलिखित प्रमुख नाम शामिल रहे
- संजय कुमार झा: कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद
- डॉ. आलोक कुमार सुमन: सांसद
- कौशलेन्द्र कुमार: सांसद
- देवेश चंद्र ठाकुर: सांसद
- विजयलक्ष्मी देवी: सांसद
- रामप्रीत मंडल: सांसद
- दिलेश्वर कामैत: सांसद
- सुनील कुमार: सांसद
- ललन सर्राफ: उपनेता, सत्तारूढ़ दल (बिहार विधान परिषद)
बैठक के समापन पर सभी सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संसद में बिहार के विकास तथा जनकल्याण से जुड़े विषयों को निरंतर उठाने का संकल्प दोहराया।



















