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घुसपैठ पर बीजेपी का डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट मंत्र, और वोटर लिस्ट रिवीजन पर कांग्रेस का कड़ा विरोधराजनीति
7 नव॰ 2026, 7:32 pm (4 घंटे पहले)· 0

घुसपैठ पर बीजेपी का डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट मंत्र, और वोटर लिस्ट रिवीजन पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

बीजेपी ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ 'डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट' नया स्लोगन पेश किया है, जबकि दूसरी ओर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस और विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।

भारतीय जनता पार्टी ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह सख्त कर लिया है और राजनीति के मैदान में एक नया नारा उतार दिया है। यह तीन शब्दों का फॉर्मूला है डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट। गृह मंत्री अमित शाह के विजन से जुड़ा यह स्लोगन साफ करता है कि सरकार की रणनीति देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने, मतदाता सूची से उनके नाम हटाने और उन्हें देश से बाहर खदेड़ने की है। इस राजनीतिक कदम ने देश के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है और हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में इसके क्या राजनीतिक परिणाम सामने आएंगे।

नया राजनीतिक स्लोगन और अमित शाह का स्टैंड

पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि तीन शब्द और एक संकल्प यानी डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट। यह नया नारा गृह मंत्री अमित शाह के उस रुख को मजबूती देता है, जिसमें वे लगातार यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूचियों में शामिल किए जा रहे हैं। सरकार का स्पष्ट तर्क है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने वालों को पहले खोजा जाएगा, फिर सूचियों से उनके नाम काटे जाएंगे और अंत में उन्हें देश से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। गृह मंत्री ने विपक्षी दलों की तरफ से निकाली जा रही रैलियों को घुसपैठिया बचाओ यात्रा करार दिया है।

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चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर घमासान

यह पूरा विवाद चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर खड़ा हुआ है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों को पूरी तरह दुरुस्त करना है, जिसके तहत मृत व्यक्तियों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों, पते बदलकर जा चुके लोगों और फर्जी वोटरों के नाम सूची से हटाए जाते हैं। सरकार का लगातार यह दावा रहा है कि पारदर्शी चुनाव करवाने और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करने के लिहाज से मतदाता सूची की यह सफाई बेहद आवश्यक है।

विपक्ष का हमला और इस्तीफे की मांग

इस पूरी प्रक्रिया के विरोध में कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष खुलकर मैदान में उतर गया है। विपक्षी दलों का कड़ा आरोप है कि एसआईआर अभियान की आड़ में लाखों वैध मतदाताओं और समाज के वंचित वर्गों के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि चुनाव आयोग के काम करने के तरीके में पारदर्शिता की भारी कमी है। इसके विरोध में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है और एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में रैलियां और प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।

सवाल-जवाब

बीजेपी का नया स्लोगन क्या है?
बीजेपी ने 'डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट' नया स्लोगन पेश किया है।
यह स्लोगन किस मुद्दे से जुड़ा है?
यह स्लोगन देश में अवैध घुसपैठ और मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाने के मुद्दे से जुड़ा है।
एसआईआर प्रक्रिया का क्या उद्देश्य है?
एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, डुप्लीकेट और फर्जी वोटरों के नाम हटाकर मतदाता सूचियों को अपडेट करना है।
विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्ष का आरोप है कि इस अभियान के जरिए वैध वोटरों और वंचित तबके के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
विपक्ष ने किसकी इस्तीफे की मांग की है?
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
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