अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशाल मंच पर अक्सर गंभीर और औपचारिक बातचीत ही देखने को मिलती है, लेकिन हाल ही में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से सामने आईं तस्वीरें एक बिल्कुल अलग ही कहानी बयां कर रही हैं। इस वैश्विक मंच पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद अनूठा और प्रभावशाली अंदाज देखने को मिला। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनके व्यक्तिगत तालमेल और गर्मजोशी ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक कूटनीति में व्यक्तिगत संबंधों की कितनी बड़ी भूमिका होती है। वैश्विक राजनीति की तमाम उलझनों के बीच पीएम मोदी के इस सहज और दोस्ताना रवैए ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिक हलकों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं।
पुतिन और शी जिनपिंग के बीच साझा हुआ एक अनौपचारिक पल
इस शिखर सम्मेलन के दौरान एक बेहद दिलचस्प तस्वीर सामने आई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आपस में बेहद गर्मजोशी से हंसते हुए बातचीत कर रहे हैं। इन दोनों नेताओं के बीच हो रही इस अनौपचारिक चर्चा और गहरे तालमेल को बीच में खड़े चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बेहद करीब से देख रहे हैं और उनके चेहरे पर भी एक बड़ी मुस्कान तैर रही है। वैश्विक मंच पर पीएम मोदी का यह बेफिक्र और दोस्ताना अंदाज कूटनीति की दुनिया में एक ताजा हवा के झोंके जैसा है। वैश्विक राजनीति के भारी तनाव के बीच आया यह हल्का-फुल्का और खुशनुमा पल यह दिखाता है कि नेताओं के बीच की आपसी केमिस्ट्री अंतरराष्ट्रीय संबंधों को कितना सहज बना सकती है।
गर्मजोशी से भरा हैंडशेक और अटूट रणनीतिक साझेदारी का संदेश
एक अन्य तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक-दूसरे का हाथ बेहद मजबूती से थामकर हैंडशेक करते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं के चेहरों पर तैरती आत्मीय मुस्कान भारत और रूस के बीच के ऐतिहासिक और विशेष संबंधों को साफ तौर पर बयां करती है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहां अंतरराष्ट्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, इन दोनों दिग्गजों का यह मजबूत हैंडशेक दोनों देशों के बीच के गहरे भरोसे, अटूट दोस्ती और बेहद मजबूत रणनीतिक साझेदारी का एक बहुत ही स्पष्ट और ठोस संदेश पूरी दुनिया को देता है।
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के नेताओं के साथ दोस्ताना बातचीत
वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते सांस्कृतिक और कूटनीतिक प्रभाव का नजारा तब भी देखने को मिला जब पीएम नरेंद्र मोदी फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ बेहद अनौपचारिक अंदाज में बातचीत करते दिखे। इस दौरान पीएम मोदी फिलीपींस के राष्ट्रपति की तरफ मजाकिया अंदाज में उंगली से इशारा करते हुए कुछ कह रहे थे, जिसे सुनकर पास खड़े इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी इस पल का पूरा लुत्फ उठाते और हंसते हुए नजर आए। पीएम मोदी का यह सहज और दोस्ताना व्यवहार दिखाता है कि वैश्विक नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध कितने मजबूत हैं।
भारतीय संस्कृति का सम्मान और 'नमस्ते' का वैश्विक स्वैग
एक और बेहद प्रभावशाली दृश्य में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारतीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ जोड़कर 'नमस्ते' की मुद्रा में स्वागत करते दिखे। पीएम मोदी ने भी उनके इस सम्मानजनक जेस्चर का मुस्कुराकर बेहद आत्मीयता से जवाब दिया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय अभिवादन की इस गूंज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत का सांस्कृतिक प्रभाव दुनिया भर में कितनी तेजी से बढ़ रहा है। दो बड़े देशों के नेताओं के बीच की यह बेहतरीन केमिस्ट्री अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत के बढ़ते कद और सम्मान को प्रदर्शित करती है।
ईरान के राष्ट्रपति के साथ गर्मजोशी भरा आलिंगन
शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान के बीच भी बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात देखने को मिली। दोनों नेता एक-दूसरे से बेहद आत्मीयता के साथ गले मिलते नजर आए। पीएम मोदी की यह सिग्नेचर 'हगप्लोमेसी' यानी गले मिलने की कूटनीति दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक और गहरे संबंधों को रेखांकित करती है। चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान और इस गर्मजोशी भरे आलिंगन ने यह साफ कर दिया कि वैश्विक भू-राजनीति की तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत अपने मित्र देशों के साथ कितनी मजबूत और अटूट साझेदारी रखता है।
मिस्र के राष्ट्रपति के साथ गंभीर और रणनीतिक चर्चा
हल्के-फुल्के और दोस्ताना पलों से इतर, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए गंभीर कूटनीतिक प्रयास भी देखने को मिले। एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी बेहद करीब बैठकर किसी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करते नजर आए। राष्ट्रपति अल-सीसी हाथ के इशारे से अपनी बात समझा रहे थे, वहीं पीएम मोदी भी उनकी बातों को बेहद ध्यान और संजीदगी के साथ सुन रहे थे। दो वैश्विक नेताओं के बीच की यह गहरी कूटनीतिक केमिस्ट्री भारत और मिस्र के बीच के बढ़ते रणनीतिक रिश्तों, आपसी विकास और अटूट भरोसे की मजबूत कहानी कहती है।



















