छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेताओं में सच्चाई का सामना करने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं बची है। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रामचरितमानस और मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी के गंभीर मामलों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। इस भारी गतिरोध के बीच सरकार ने संसद में छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर एक विस्तृत चर्चा कराने का ऐलान किया है, जिसका जवाब खुद गृह मंत्री अमित शाह देंगे।
राहुल गांधी ने की अमित शाह की जवाबदेही की मांग
दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण या आंदोलनात्मक प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कई बड़े बिंदुओं पर सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री के कार्यकाल के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के ऊपर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और उन्हें कील लगी हुई लाठियों से बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद में आकर किसी सामान्य विषय पर भाषण देने के बजाय मुख्य बात यह है कि देश के युवाओं पर गोलियां चलवाने का आदेश आखिर किसने दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री को यह स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि क्या यह क्रूर आदेश उन्होंने खुद दिया था। यदि यह आदेश उनकी जानकारी और निर्देश पर दिया गया था, तो वे मासूम बच्चों पर गोलियां चलवाने के सीधे तौर पर दोषी हैं और यदि उन्हें इस बात की कोई जानकारी ही नहीं थी, तो वे इस पद के लिए पूरी तरह अक्षम साबित होते हैं। पिछले 15 दिनों से सदन में न आने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ही बड़े नेताओं में सदन के सामने आने और यह स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है कि उन्होंने क्या किया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाए रामचरितमानस और चंदा चोरी के सवाल
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े चंदा चोरी के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा है। खड़गे ने सवालिया लहजे में पूछा कि रामचरितमानस किधर गया और इस विषय पर सभी लोगों ने तमाम खुलासे भी किए हैं। उन्होंने मांग की कि जो लोग इस तरह की चोरी में शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और प्रधानमंत्री को खुद इस मामले पर देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़े शब्दों में कहा कि एक तरफ जहां देश के विद्यार्थियों के ऊपर क्रूरतापूर्वक लाठीचार्ज किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के नाम पर चंदा चोरी जैसे बड़े मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने देश की जनता की तरफ से यह मांग की कि प्रधानमंत्री को इन सभी मामलों की जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक रूप से देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सरकार का पक्ष: चर्चा के लिए तैयार हैं अमित शाह
विपक्षी दलों के भारी हंगामे और लगातार की जा रही मांगों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार संसद के भीतर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई के पूरे घटनाक्रम पर पूर्ण चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। किरेन रिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद मीडिया और सदन को जानकारी दी कि खुद गृह मंत्री अमित शाह इस पूरी चर्चा के अंत में अपना जवाब रखेंगे। हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट शर्त रखी गई है कि विपक्ष को यह लिखित या मौखिक भरोसा देना होगा कि वे सदन की कार्यवाही में किसी प्रकार की बाधा नहीं डालेंगे, नारेबाजी से बचेंगे और गृह मंत्री के पूरे वक्तव्य को पूरी शांति के साथ सुनेंगे।



















