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दिल्ली विधानसभा में लक्ष्मी योजना पर गरमाई सियासत, रेखा गुप्ता ने आप विधायकों के वॉकआउट पर घेराराजनीति
10 अग॰ 2026, 7:37 pm (77 दिन पहले)· 1

दिल्ली विधानसभा में लक्ष्मी योजना पर गरमाई सियासत, रेखा गुप्ता ने आप विधायकों के वॉकआउट पर घेरा

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में दिल्ली लक्ष्मी योजना और महिला कल्याण पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीखा हमला बोला है।

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हाल ही में संपन्न हुई बैठकों में महिलाओं से जुड़े कल्याणकारी विषयों और विशेष तौर पर दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर तीखी राजनीतिक तकरार देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के दौरान जब महिला सशक्तिकरण और इस नई सरकारी योजना की रूपरेखा पर गंभीर चर्चा चल रही थी, तब विपक्षी खेमे की तरफ से कई सवाल उठाए गए। लेकिन जब इन सवालों का तथ्यात्मक और नीतिगत उत्तर देने की बारी आई, तो आम आदमी पार्टी के सभी विधायक सदन से बाहर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के इस रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे उनकी राजनीति का संकीर्ण चेहरा करार दिया और कहा कि विरोधी दल के सदस्यों के पास महिलाओं के हितों से जुड़े फैसलों पर चर्चा सुनने का भी धैर्य नहीं है।

विपक्ष की प्राथमिकताओं पर उठे गंभीर सवाल

सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के इस आचरण को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि भाषणों में महिलाओं के अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता असल में उनके विकास को लेकर गंभीर नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सदन में दिल्ली लक्ष्मी योजना और महिला सुरक्षा के महत्वपूर्ण विषयों पर बात हो रही थी, तब विरोधी दलों के नुमाइंदे भाग खड़े हुए, लेकिन जैसे ही सदन की कार्यवाही का रुख दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों की तरफ हुआ, वे तुरंत अपनी सीटों पर वापस लौट आए। इस बदलाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे विषयों पर उनकी सक्रियता इसलिए दिखती है क्योंकि वे खुद उन प्रकरणों से जुड़े रहे हैं, जबकि आम महिलाओं की भलाई और उनके अधिकारों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।

तीन बच्चों की शर्त और बजट आवंटन का स्पष्टीकरण

सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों की तरफ से यह सवाल भी उठाया गया था कि इस कल्याणकारी योजना के दायरे से तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को क्यों बाहर रखा गया है। इस आशंका का निवारण करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि किसी भी महिला के शारीरिक स्वास्थ्य और उसकी दीर्घकालिक भलाई को ध्यान में रखते हुए ही यह प्रावधान किया गया है, क्योंकि बार-बार मातृत्व का स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। इसके साथ ही योजना के वित्तीय पक्ष पर रोशनी डालते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में कुल 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का यह स्पष्ट लक्ष्य है कि इस साल कम से कम 17 लाख जरूरतमंद महिलाओं को इस वित्तीय सहायता से जोड़ा जाए, और यदि आने वाले समय में पात्रता का दायरा बढ़ाने या धन की आवश्यकता पड़ी, तो बजट में और इजाफा किया जाएगा।

दस दिन में छह लाख पंजीकरण का रिकॉर्ड

योजना को मिल रहे जनसमर्थन के आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इस पहल को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। महज 10 दिनों की छोटी अवधि के भीतर इस विशेष पोर्टल के माध्यम से 6,00,000 से ज्यादा महिलाओं ने अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इतने कम समय में रिकॉर्ड संख्या में महिलाओं का जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली की आम जनता का इस प्रशासन पर गहरा भरोसा है। इसके अलावा, पिंक कार्ड योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का खंडन करते हुए मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया कि जो भी महिला वर्तमान में दिल्ली की निवासी है, भले ही वह मूल रूप से किसी अन्य राज्य से ताल्लुक रखती हो, उसे इस योजना का पूरा लाभ मिलेगा और प्रशासन की तरफ से किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा।

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सवाल-जवाब

दिल्ली लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर कितने दिनों में कितने पंजीकरण हुए?
इस योजना के पोर्टल पर महज 10 दिनों के भीतर 6 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए इस साल कितना बजट आवंटित किया गया है?
सरकार ने इस वर्ष इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।
इस योजना के तहत चालू वर्ष में कितनी महिलाओं को मदद देने का लक्ष्य है?
चालू वर्ष में 17 लाख जरूरतमंद महिलाओं को इस आर्थिक सहायता से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
क्या दूसरे राज्यों की महिलाओं को पिंक कार्ड मिलेगा?
जो भी महिला दिल्ली में निवास कर रही है, भले ही वह मूल रूप से किसी अन्य राज्य की हो, उसे पिंक कार्ड का लाभ दिया जाएगा।
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