लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के नजदीक धरने पर बैठ गए हैं। पार्टी की एक ही मांग है, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, धरना जारी रहेगा। मामला शांत कराने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह खुद प्रधानमंत्री कार्यालय से निकलकर मौके पर पहुंचे और राहुल गांधी से थोड़ी देर बातचीत की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से धरना खत्म करने की अपील भी की, लेकिन राहुल गांधी टस से मस नहीं हुए और प्रदर्शन अब भी चल रहा है।
सरकार के प्रस्ताव को कांग्रेस ने क्यों ठुकराया
केंद्र सरकार की तरफ से कांग्रेस को यह ऑफर दिया गया कि बुधवार को इस पूरे मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जा सकती है। लेकिन कांग्रेस इस पर राजी नहीं हुई, क्योंकि पार्टी की मांग सिर्फ चर्चा की नहीं बल्कि सीधे कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने दो शर्तें रखी हैं, धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें, और गृह मंत्री खुद संसद के दोनों सदनों में इस मामले पर बयान दें। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी से मुलाकात के बाद जितेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को कांग्रेस के इस धरने की पूरी जानकारी दी।
धरने में दो राज्यों के मुख्यमंत्री समेत पूरी कांग्रेस लीडरशिप मौजूद
इस प्रदर्शन को सिर्फ राहुल गांधी का अकेला कदम नहीं कहा जा सकता। उनके साथ केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जैसे दो राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। प्रियंका गांधी समेत पार्टी के तमाम सीनियर नेता भी वहां डटे रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस धरने में शामिल हुए, हालांकि बाद में पुलिस उन्हें कार में बिठाकर वहां से ले गई। धरने के दौरान कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में भी लिया गया। हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बस के अंदर से मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमारे छात्रों पर बहुत बेरहमी से हमला किया गया।" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह दोनों इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं, यही वजह है कि लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के कांग्रेस सांसद अब सड़क पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।
आखिर पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ
दरअसल यह पूरा बवाल सोमवार को दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा है। उस दिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जिस तरह छात्रों के खिलाफ कदम उठाए, कांग्रेस उसी को लेकर भड़की हुई है और तभी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि देश के युवाओं के साथ जो बर्बरता हुई है, उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। फिलहाल जितेंद्र सिंह की अपील के बावजूद राहुल गांधी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन अब भी जारी है।

















