प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए खास पहल
छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जुलाई के महीने में विष्णु देव साय की सरकार नवा रायपुर स्थित IIM में दो दिवसीय ट्रेनिंग शिविर 3.0 का आयोजन कर रही है। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्य शामिल होकर ट्रेनिंग लेंगे। इस सत्र के दौरान बदलती प्रशासनिक चुनौतियों, सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक सेवाओं को बेहतर बनाने के विषयों पर गहराई से चर्चा की जाएगी।
ट्रेनिंग के पीछे का उद्देश्य
इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री OP Choudhary ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार IAS अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग का प्रावधान होता है, उसी तर्ज पर राजनेताओं को भी नए अनुभव लेते रहना चाहिए। OP Choudhary के अनुसार, सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए और यह ट्रेनिंग सत्र मंत्रिमंडल के सदस्यों को नए आइडिया और अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सीखने के रुकने से व्यक्ति की प्रगति थम जाती है, इसलिए यह ट्रेनिंग कार्यक्रम बेहद आवश्यक है।
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
मंत्रियों की IIM ट्रेनिंग के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने सवाल उठाए हैं। Deepak Baij का कहना है कि सरकार को ट्रेनिंग की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री केवल वसूली में व्यस्त हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री निवास पर हुई हालिया हाई लेवल मीटिंग का जिक्र करते हुए Deepak Baij ने दावा किया कि मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा जोरों पर है और कमजोर कामकाज वाले मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैठक में कामकाज की समीक्षा की गई है और अब इस्तीफे की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज हैं।













