डीपफेक पर भड़कीं मृणाल ठाकुर, यशस्वी जायसवाल से डेटिंग की अफवाहों को किया खारिजउदयनिधि स्टालिन के बयान पर घमासान, तृषा कृष्णन प्रकरण के बीच गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने क्या कहामोहम्मद शमी ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का किया समर्थन, वृंदावन यात्रा पर आलोचकों को दिया करारा जवाबवायलेंट नाइट 2 रिव्यू (2026): डेविड हार्बर और क्रिस्टन बेल की खूनी क्रिसमस वापसी का ट्रेलर जारीसड़क धंसने की घटना पर एनएचएआई सख्त, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के तीन अधिकारी दो साल के लिए बैन12 अगस्त को है हरियाली अमावस्या, स्नान-दान के लिए मिलेंगे ये चार शुभ मुहूर्तलाल सागर में भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमला और जहाज डूबा, तेरह नाविकों समेत सभी सुरक्षित बाहरजहानाबाद में तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, कृषि सलाहकार की मौत के बाद भड़के ग्रामीणों ने फूंका वाहनबिटकॉइन प्रीमियम इंडेक्स में रिकॉर्ड गिरावट, अमेरिकी बाजार में सुस्त पड़ी मांगरेंज रोवर की चाबी पिता को सौंपकर रो पड़े खेसारी लाल यादव, बताया संघर्ष का किस्सा
पप्पू यादव के नकली साधु प्रदर्शन के बाद विश्व हिंदू परिषद भेजेगी साढ़े तीन लाख साधु-संतराजनीति
4 अग॰ 2026, 9:04 pm (3 घंटे पहले)· 0

पप्पू यादव के नकली साधु प्रदर्शन के बाद विश्व हिंदू परिषद भेजेगी साढ़े तीन लाख साधु-संत

संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के साधु के भेष में प्रदर्शन के बाद विश्व हिंदू परिषद ने देशभर के साढ़े तीन लाख गांवों में साधु-संत भेजने का फैसला किया है, जो लोगों को इन नेताओं की असलियत बताएंगे।

संसद भवन परिसर में सांसद पप्पू यादव के नकली साधु के भेष में किए गए प्रदर्शन और समाजवादी पार्टी के नेताओं के हंगामे के बाद विश्व हिंदू परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। परिषद अब पूरे भारतवर्ष के करीब साढ़े तीन लाख गांवों में साधु-संतों को भेजेगी ताकि वे गांव-गांव जाकर लोगों को इन नेताओं की असली मंशा के बारे में बता सकें।

विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और विदर्भ के महामंत्री हेमंत जांबेकर ने इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साधु-संत लोगों को यह समझाएंगे कि किस तरह ये नेता साधु-संतों की छवि और भगवा रंग को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक जो लोग मंदिर बनने का विरोध करते रहे हैं, वही अब साधुओं का भेष धारण कर हिंदू समाज को गुमराह करने में जुटे हैं, और विश्व हिंदू परिषद इस तरह के आचरण का पुरजोर विरोध करती है।

ये भी पढ़ें

विदर्भ के 3500 गांवों तक पहुंच

हेमंत जांबेकर ने बताया कि इस अभियान के तहत अकेले विदर्भ में ही लगभग 3500 गांवों तक साधु-संत पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना जन्माष्टमी के दिन हुई थी, और इस पखवाड़े में इन नेताओं ने खुद ही परिषद को यह मुद्दा उठाने का मौका दे दिया है। अब हर गांव में जाकर इन नेताओं के इस आचरण को उजागर किया जाएगा कि वे किस तरह साधु-संतों और भगवा रंग को बदनाम कर रहे हैं।

चुनावी मकसद का आरोप

जांबेकर के अनुसार सभी साधु-संतों से इस बारे में बातचीत हो चुकी है और वे लोगों को यह बताएंगे कि किस तरह ढोंगी साधु भगवा वस्त्र पहनकर हिंदू समाज की छवि खराब कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, और साधु-संत गांव-गांव जाकर इसकी पोल खोलेंगे।

सेवा बस्तियों में भी होगा प्रचार

इस अभियान के तहत विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता साधु-संतों को साथ लेकर सेवा बस्तियों में भी जाएंगे। जांबेकर ने नागपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि अकेले नागपुर शहर में ही करीब 400 सेवा बस्तियां हैं, जहां परिषद के कार्यकर्ता साधु-संतों को लेकर पहुंचेंगे। इसी तरह देशभर की सेवा बस्तियों में भी साधु-संतों को भेजा जाएगा।

बंगाल के उदाहरण का हवाला

हेमंत जांबेकर ने कहा कि ये नेता पश्चिम बंगाल का उदाहरण भूल गए हैं, जहां साधु-संतों ने ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके मुताबिक साधु-संतों ने ही तब समाज को जगाने का काम किया था, और अब वही साधु-संत पूरे भारतवर्ष में इन नेताओं को उनकी सही जगह दिखाकर रहेंगे।

सवाल-जवाब

विश्व हिंदू परिषद किस बात से नाराज है?
सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में नकली साधु के भेष में किए गए प्रदर्शन और समाजवादी पार्टी नेताओं के हंगामे से विश्व हिंदू परिषद नाराज है।
विश्व हिंदू परिषद कितने गांवों में साधु-संत भेजेगी?
परिषद ने पूरे भारतवर्ष के लगभग साढ़े तीन लाख गांवों में साधु-संतों को भेजने का फैसला किया है।
विदर्भ में कितने गांवों तक साधु-संत पहुंचेंगे?
हेमंत जांबेकर के मुताबिक अकेले विदर्भ में करीब 3500 गांवों तक साधु-संत पहुंचेंगे।
इस अभियान की जानकारी किसने दी?
इस अभियान की जानकारी विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और विदर्भ के महामंत्री हेमंत जांबेकर ने दी।
नागपुर में सेवा बस्तियों को लेकर क्या योजना है?
जांबेकर ने बताया कि नागपुर में करीब 400 सेवा बस्तियां हैं, जहां परिषद के कार्यकर्ता साधु-संतों को लेकर जाएंगे।
बंगाल का उदाहरण क्यों दिया गया?
जांबेकर ने कहा कि साधु-संतों ने पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकने में भूमिका निभाई थी, और अब वही साधु-संत इन नेताओं को उनकी जगह दिखाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR