गूगल क्रोम के 353 सुरक्षा दोष दूर, डेस्कटॉप यूज़र्स को तुरंत नया वर्ज़न इंस्टॉल करने की सलाहलाइकिन रिव्यू (2026): एक मशरूम गार्डन जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा दिखता हैकिया努 रीव्स बने नेटफ्लिक्स की एक्शन थ्रिलर 'मेलस्ट्रॉम' का हिस्सा, एलन रिचसन की जगह संभालेंगे कमानअलीबाबा के नए ओपन एआई मॉडल ने बीजिंग के सर्वर पर डेटा भेजने की कोशिश की, सुरक्षा जांच में हुआ खुलासाजालंधर की गलियों से मायानगरी तक का सफर, चाय बेचने और थप्पड़ खाने से लेकर टीवी के कॉमेडी सम्राट बनने की कहानीनाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तरणजी ट्रॉफी 2026-27: दूसरे दिन का खेल शुरू, दिल्ली और मुंबई की नजरें बड़े स्कोर परहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीटाटा कंज्यूमर के शेयरों में शानदार उछाल, दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद 5.5 प्रतिशत की तेजी
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की सुगबुगाहट: पांच सदस्यीय समिति का हुआ गठनराजनीति
27 जून 2026, 11:25 pm (122 दिन पहले)· 0

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की सुगबुगाहट: पांच सदस्यीय समिति का हुआ गठन

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति विभिन्न कानूनी पहलुओं और सामाजिक सुझावों का अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के लक्ष्य के साथ राज्य प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस विशेष समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। उनके अलावा, समिति में शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

समिति के मुख्य कार्य और जिम्मेदारियां

सरकार ने इस टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यूसीसी का एक व्यापक खाका तैयार करें और उसे राज्य सरकार के समक्ष पेश करें। समिति का कार्य केवल ड्राफ्ट तैयार करना ही नहीं, बल्कि कानून से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक सिफारिशें और कानूनी सुझाव देना भी है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी अंतिम निर्णय विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों से विस्तृत चर्चा-परामर्श करने के बाद ही लिया जाएगा।

ये भी पढ़ें

कानूनी ढांचे का व्यापक विश्लेषण

गठित समिति का प्राथमिक कार्य छत्तीसगढ़ में मौजूदा कानूनी व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन करना है। इसके बाद, टीम शादी, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, बच्चों को गोद लेने और परिवार से संबंधित अन्य निजी कानूनों के दायरे में समान नागरिक संहिता को लागू करने की संभावनाओं का आकलन करेगी। अपनी प्रक्रिया के दौरान, कमेटी जनता, विभिन्न सामाजिक संगठनों, कानून विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करेगी। साथ ही, उन राज्यों की स्थितियों का भी अध्ययन किया जाएगा जहां यूसीसी पहले से ही लागू है। इन सभी तथ्यों को जांचने के बाद समिति अपना अंतिम प्रारूप सरकार को सौंपेगी।

सरकार की आगे की रणनीति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्टि की है कि राज्य में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया का आगाज हो चुका है। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव का कहना है कि यह समिति समाज के हर वर्ग की राय को गंभीरता से लेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में लिया जाने वाला निर्णय व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में यूसीसी समिति की अध्यक्षता कौन करेगा?
इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।
समिति में कुल कितने सदस्य हैं?
इस उच्चस्तरीय समिति में कुल पांच सदस्य शामिल हैं।
समिति क्या काम करेगी?
समिति राज्य में वर्तमान कानूनी व्यवस्था का अध्ययन करेगी, सुझाव लेगी और यूसीसी का एक प्रारूप तैयार करके सरकार को सौंपेगी।
क्या जनता अपनी राय दे पाएगी?
हां, सरकार के अनुसार समिति नागरिकों, कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से सुझाव मांगेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp