छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित कथित शराब, कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की जांच अब और तेज हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने बीते गुरुवार को प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग और धमतरी में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के केंद्र में राज्य कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल रहे। ईडी के अधिकारियों ने रायपुर के अनुपम नगर स्थित उनके निवास स्थान पर सुबह से लेकर शाम तक करीब 9 घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इसके साथ ही धमतरी स्थित उनके पैतृक घर पर भी 9 घंटे तक अंदरूनी जांच पड़ताल की गई, जिसके बाद टीम कई अहम दस्तावेज और कागजात अपने साथ लेकर रायपुर लौट गई।
धमतरी में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची ईडी टीम
धमतरी के सुंदरगंज वार्ड स्थित रामगोपाल अग्रवाल के निवास पर ईडी की टीम गुरुवार सुबह करीब 7 बजे पहुंची। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 4 अधिकारियों की टीम 2 इनोवा गाड़ियों में सवार होकर आई थी, जिनके साथ सुरक्षा के लिहाज से 4 सशस्त्र जवान भी तैनात थे। जांच अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद सभी कमरों और अलमारियों की बारीकी से जांच की। उल्लेखनीय है कि इस छापेमारी से महज करीब 8 दिन पहले ही ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया था। लंबी पूछताछ और दस्तावेजों के मिलान के बाद टीम शाम को आवश्यक साक्ष्य जुटाकर वापस लौट गई।
दुर्ग में रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर देर रात तक जांच
इसके साथ ही दुर्ग शहर में भी सुबह लगभग 6 बजे दो गाड़ियों में ईडी के 10 से ज्यादा अधिकारियों का एक बड़ा दल पहुंचा। एजेंसी ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े दो प्रमुख कारोबारियों सजल जैन और विश्वास गुप्ता के व्यावसायिक व निजी ठिकानों को अपनी जांच के दायरे में लिया। दोनों कारोबारियों को पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है। चर्चा है कि कई प्रभावशाली अधिकारियों का धन भी इन दोनों कारोबारियों की रियल एस्टेट योजनाओं में निवेश किया गया है, हालांकि इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ईडी की टीम ने देर रात तक दोनों बिल्डरों के परिसरों में वित्तीय दस्तावेजों के अलावा कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सघन जांच की।
छापेमारी के विरोध में कांग्रेस नेताओं का जोरदार प्रदर्शन और हंगामा
रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की दबिश की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में फैली, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। कुछ ही समय में पीसीसी प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, स्थानीय विधायक ओंकार साहू तथा पूर्व महापौर विजय देवांगन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता धमतरी स्थित आवास के बाहर एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित करार दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब उग्र कार्यकर्ताओं ने कई बार सुरक्षा घेरा तोड़कर घर के भीतर दाखिल होने का प्रयास किया। मौके पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे और स्थिति को नियंत्रित किया।



















