पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां बीजेपी ने सूती-1 पंचायत समिति पर कब्जा जमाकर पहली बार इतिहास रचा है। हाल ही में आए अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुए चुनाव प्रक्रिया में बीजेपी की नेता बुल्टी घोष को नई अध्यक्ष चुना गया है। 18 सदस्यों की कुल क्षमता वाली इस पंचायत समिति में तृणमूल कांग्रेस का लंबे समय से दबदबा माना जाता था, लेकिन बदला हुआ राजनीतिक समीकरण अब बीजेपी के पक्ष में झुक गया है, जिससे क्षेत्र की स्थानीय प्रशासनिक कमान पहली बार बीजेपी के हाथों में आ गई है।
सदन का गणित और अविश्वास प्रस्ताव के बाद का मतदान
सूती-1 पंचायत समिति के सीटों का ढांचा देखा जाए तो साल 2023 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने कुल 18 सीटों में से 12 सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। उस समय बीजेपी के खाते में सिर्फ 3 सीटें ही आई थीं। हालांकि, हालिया अविश्वास प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष पद के लिए आयोजित बैठक में समीकरण पूरी तरह बदल गए। इस विशेष चुनाव बैठक में कुल 13 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित हुए थे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बुल्टी घोष को बीजेपी के 3 सदस्यों के साथ-साथ 7 निर्दलीय सदस्यों का मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ। इसके अलावा, बैठक में मौजूद रहने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के 3 सदस्यों ने चुनाव के दौरान कोई विरोध दर्ज नहीं कराया, जिसके चलते बीजेपी आसानी से बहुमत साबित कर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने में सफल रही।
बुल्टी घोष का परिचय और विकास का रोडमैप
सूती-1 पंचायत समिति की नई कमान संभालने वाली बुल्टी घोष राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई हैं। वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व जंगीपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष धनंजय घोष की पत्नी हैं। पदभार संभालने और जीत की घोषणा के तुरंत बाद बुल्टी घोष ने अपने भावी विजन को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान जो भी जनहित और विकास कार्य अधूरे रह गए थे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई प्रशासनिक टीम पूरे इलाके के समग्र विकास के लिए काम करेगी और हर सुख-दुख में आम जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
आवास योजना में अनियमितता के आरोप और नई सरकार की प्राथमिकता
इसी दौरान बीजेपी के पंचायत समिति सदस्य नारायण चंद्र दास ने स्थानीय मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सरकारी आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां और धांधली की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई पात्र गरीब ग्रामीण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए थे। नारायण चंद्र दास के अनुसार, नई पंचायत समिति के समक्ष सबसे पहला और महत्वपूर्ण कार्य उन परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाना होगा, जो आज भी कच्चे घरों, झोपड़ियों या असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं।



















