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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक को साधने में जुटे राहुल गांधी, संपर्क साधने के लिए प्रशांत भूषण का लिया सहाराराजनीति
15 अक्तू॰ 2026, 8:29 am (1 घंटे पहले)· 0

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक को साधने में जुटे राहुल गांधी, संपर्क साधने के लिए प्रशांत भूषण का लिया सहारा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को चाय पर आमंत्रित किया, जबकि संवाद स्थापित करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से भी संपर्क किया गया है।

देश के विपक्षी राजनीतिक दायरे में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की बढ़ती सक्रियता और भीड़ जुटाने की क्षमता ने हलचल तेज कर दी है। इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संगठन के प्रमुख अभिजीत दिपके के साथ तालमेल बिठाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विपक्षी गठबंधन के लिए आयोजित एक औपचारिक चाय बैठक के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें विशेष न्योता भेजा था। हालांकि, शुरुआती संकेतों के मुताबिक इस पहल पर संगठन की ओर से कोई खास गर्मजोशी नहीं दिखाई गई। इस दूरी को पाटने और बातचीत आगे बढ़ाने के लिए अब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का सहयोग लिया गया है।

सड़क पर प्रदर्शन और बदलती राजनीतिक रणनीति

शुरुआती दौर में कांग्रेस इस नए संगठन की गतिविधियों को लेकर सतर्क और दुविधा में थी। बाद में जमीनी स्तर पर इसके उभार को देखते हुए रुख में बदलाव आया। CJP ने NEET परीक्षा पत्र लीक प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध दर्ज कराया था और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। इसके बाद संगठन का ध्यान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध पर केंद्रित हो गया। दस अक्टूबर को दिल्ली की सड़कों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित किए गए प्रदर्शन पर कांग्रेस पार्टी ने बेहद बारीक नजर बनाए रखी थी।

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आंदोलन पर विपक्षी एकता का संदेश

सोमवार को सार्वजनिक मंच पर आए बयानों से साफ हुआ कि कांग्रेस अब इस जनआंदोलन से खुद को अलग रखने के बजाय साझा आधार तलाश रही है। चुनाव आयोग के विरुद्ध चल रहे अलग-अलग प्रदर्शनों को एक ही धारा का अंग बताते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में अलग-अलग मोर्चे नहीं हैं, बल्कि यह साझा लड़ाई है। उन्होंने कहा,

"कोई समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक ही विरोध प्रदर्शन है।"

इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि जो भी मंच या नागरिक संविधान के बुनियादी मूल्यों की हिफाजत के लिए मैदान में उतरेगा, कांग्रेस उसके समर्थन में खड़ी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि संगठन की पूर्व पृष्ठभूमि या पहचान के बजाय उसका संवैधानिक पक्ष महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ऐसे हर प्रयास की सुरक्षा और सहायता करने को तैयार है, बशर्ते जमीनी स्तर पर दोनों तरफ से परस्पर सहयोग की भावना बनी रहे। इन बयानों के बाद उन्होंने एक विशाल सार्वजनिक मार्च की अगुवाई भी की।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने अभिजीत दिपके को किस अवसर पर आमंत्रित किया था?
राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं के लिए आयोजित औपचारिक चाय बैठक के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को न्योता भेजा था।
बातचीत में गतिरोध के बाद कांग्रेस ने किस वरिष्ठ वकील की सहायता ली?
दिपके द्वारा विशेष उत्साह न दिखाए जाने के बाद कांग्रेस ने संवाद स्थापित करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से सहयोग मांगा।
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल में किन बड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किए हैं?
संगठन ने NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी मोर्चा खोला है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का प्रदर्शन दिल्ली में कब हुआ था?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संगठन ने 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया था, जिस पर कांग्रेस ने बारीक नजर रखी थी।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलनों पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि ये कोई समानांतर आंदोलन नहीं हैं बल्कि एक ही साझा विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं, और कांग्रेस संविधान की रक्षा करने वाले हर व्यक्ति के साथ खड़ी होगी।
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