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दतिया उपचुनाव में हंगामे के बाद पुलिस एक्शन, पूर्व मंत्री के 27 समर्थकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्जराजनीति
12 जुल॰ 2026, 12:06 am (17 दिन पहले)· 5

दतिया उपचुनाव में हंगामे के बाद पुलिस एक्शन, पूर्व मंत्री के 27 समर्थकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज

दतिया विधानसभा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद हुए पथराव और हंगामे के मामले में पुलिस ने 27 नामजद कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की है।

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। यहां टिकट वितरण से नाराज होकर उपद्रव और हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस बार चुनावी मैदान में न उतारने के फैसले के बाद उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग ने सत्ताईस लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इन सभी आरोपियों पर सरकारी नियमों की अनदेखी और अशांति फैलाने के आरोप हैं।

हंगामे के बाद कानूनी शिकंजा

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन लोगों पर पथराव करने, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने से जुड़ी कई गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है। इस बीच, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खुद नरोत्तम मिश्रा ने आगे आकर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से धैर्य बनाए रखने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

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नामजद किए गए आरोपियों की सूची

दतिया के कोतवाली थाने में जिन सत्ताईस लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उनमें कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। पुलिस की सूची के अनुसार, इन आरोपियों में अक्कू दुबे, राजू गुगौरिया, अनूप यादव, विपिन पाठक, लला रजक, प्रशांत दांगी, अतुल भूरे, प्रदीप यादव, भानु ठाकुर, बृजेश दुबे, मान सिंह कुशवाहा, विजय झंडा, आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर, शंकर गुर्जर, अमित परिहार, करण जाटव, सुनील दुबे, अंशुल यादव, कृष्णा दुबे, प्रदीप गुर्जर, अजय रजक, भैया दुबे, वीरपाल गुर्जर, नियुक्त नागर, कमलेश चौबे और जितेंद्र कमरिया शामिल हैं। प्रशासन अब इन सभी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

नरोत्तम मिश्रा का बयान और आत्ममंथन की बात

टिकट कटने की खबरों के बीच पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने क्षेत्र की जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह पहले भी जनसेवा में सक्रिय थे और आगे भी लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने दतिया के मतदाताओं को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वह उन्हें कभी नहीं छोड़ सकते। चुनावी टिकट न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी संगठन का है और वही बेहतर बता सकते हैं कि उन्हें इस उपचुनाव में प्रत्याशी क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर उनके काम में कोई कमी रही होगी, तो वह खुद के भीतर सुधार करने के लिए आत्ममंथन करेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने का भरोसा दिलाया। मिश्रा ने कहा कि हंगामा करने वाले सभी लोग पार्टी के अपने निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और समय के साथ सभी मान जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि उनके मन में किसी के प्रति कोई कड़वाहट या शिकायत नहीं है। प्रत्याशी बदलने की मांग से पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी कोई मांग नहीं की है और संगठन जो भी निर्णय लेगा, वह उसका पूरी तरह पालन करेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह दतिया के नए घोषित उम्मीदवार के नामांकन पत्र दाखिल करने के कार्यक्रम में स्वयं शामिल होंगे और सभी कार्यकर्ताओं से इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेंगे।

सीट का समीकरण और नया उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार दतिया विधानसभा क्षेत्र से आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस सीट पर लंबे समय तक नरोत्तम मिश्रा का वर्चस्व रहा है और वह यहां से लगातार तीन बार MLA चुने जा चुके हैं। हालांकि, वर्ष 2023 में हुए सामान्य विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जहां कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ने उन्हें लगभग सात हजार वोटों के अंतर से पराजित किया था। बाद में एक पुराने अदालती मामले में सजा मिलने के कारण कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द कर दी गई, जिसके चलते इस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराने की नौबत आई है।

संगठन प्रमुख का दावा और रणनीति

पार्टी के भीतर उपजे इस असंतोष पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया गया है। कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा आवेश में आकर इस्तीफे दिए जाने की बात उनके संज्ञान में आई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें अब तक कोई भी इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि पार्टी संगठन किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ और सम्मानित नेता के मार्गदर्शन में पार्टी इस उपचुनाव को भारी मतों के अंतर से जीतने में सफल रहेगी।

सवाल-जवाब

दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों पर FIR क्यों दर्ज की गई है?
उपचुनाव का टिकट कटने से नाराज समर्थकों ने दतिया में काफी हंगामा और पथराव किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और हिंसा के आरोपों में मामला दर्ज किया।
इस मामले में कुल कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है?
पुलिस ने इस हिंसा और आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कुल 27 नामजद लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR दर्ज की है।
बीजेपी ने दतिया उपचुनाव के लिए किसे अपना उम्मीदवार घोषित किया है?
भारतीय जनता पार्टी ने इस उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
दतिया सीट पर उपचुनाव कराने की नौबत क्यों आई?
2023 के चुनाव में यहां से जीते कांग्रेस विधायक को एक पुराने मामले में सजा सुनाई गई थी, जिसके कारण उनकी सदस्यता रद्द हो गई और यह सीट खाली हो गई।
इस हंगामे पर नरोत्तम मिश्रा की क्या प्रतिक्रिया रही?
नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि वह पार्टी के फैसले से नाराज नहीं हैं और नए उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होंगे।
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