वॉशिंगटन से आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल के शुरुआती महीनों में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। इस संभावित दौरे के बारे में जानकारी अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी है। रुबियो ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन इस यात्रा को लेकर काम कर रहा है और यह दौरा अगले साल की शुरुआत में आयोजित होने की संभावना है। वॉशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के दौरान रुबियो ने इन दोनों देशों के मौजूदा संबंधों को एक शानदार चरण में बताया। उन्होंने याद दिलाया कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आपसी मुलाकात काफी सफल रही थी।
व्यापार समझौते और रणनीतिक सहयोग
रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका अब एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी नजदीक पहुंच गए हैं। उनके अनुसार, दोनों पक्ष इस सौदे को पूरा करने से अब बस कुछ ही कदम दूर हैं और बातचीत का रुख बेहद सकारात्मक बना हुआ है। इसके अलावा, क्वाड की आगामी बैठक भी जल्द ही होने वाली है। रुबियो ने अपनी खुद की योजना साझा करते हुए कहा कि वे इस साल के अंत से पहले भारत जाने के इच्छुक हैं, ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आगामी भारत यात्रा की जमीन तैयार की जा सके। यदि यह प्रस्तावित दौरा सफल होता है, तो दूसरी बार राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की यह पहली भारत यात्रा होगी।
मोदी-ट्रंप की विशेष जुगलबंदी
अमेरिकी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों की भी सराहना की। रुबियो का मानना है कि इन दोनों नेताओं के बीच जितनी आत्मीयता और निकटता है, वैसी शायद ही किसी अन्य वैश्विक नेता के साथ देखी जाती है। कूटनीतिक दृष्टिकोण से ऐसे मजबूत निजी संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। भारत को अमेरिका का एक अत्यंत करीबी और भरोसेमंद साझेदार बताते हुए रुबियो ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता न केवल निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।













