राजनाथ सिंह ने स्वामी विवेकानंद के साल 1893 के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को भारतीय सभ्यता का निर्णायक मोड़ बतायाद ऑफिस की याद सताने पर जरूर देखें ये 6 बेहतरीन ऑफिस कॉमेडी फिल्में, मिलेगा भरपूर मनोरंजनगंगा के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर के घांघर में गहराया चारे का संकट, भुखमरी की कगार पर पहुंचे मवेशीअफगानिस्तान टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी परेशानी, नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हुए ईशान किशननई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति का बिना प्रोटोकॉल वाला इशारा, अजित डोभाल से पुतिन की मुलाकात के क्या हैं कूटनीतिक मायने?कर्क साप्ताहिक राशिफल 13-19 सितंबर के लिए: मंगल के गोचर से करियर और आर्थिक जीवन में बदलाव, जानें अपना भाग्यभाई किंग हेराल्ड के अंतिम संस्कार के दो दिन बाद नॉर्वे की राजकुमारी ऐस्ट्रिड का निधन121 दिनों तक देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल: 6 राशियों के करियर और धन लाभ में आएगा बड़ा मोड़पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट अनिवार्य, एयर इंडिया घटना के बाद DGCA का आदेशगूगल फोटोज की इन 10 सीक्रेट सेटिंग्स से बचाएं स्टोरेज और सुरक्षित रखें अपनी प्राइवेसी
हैदराबाद रैली से असदुद्दीन ओवैसी का आह्वान, यूपी में बिहार जैसी मुस्लिम एकजुटता और मनुस्मृति पर बीजेपी को घेराराजनीति
26 अग॰ 2026, 11:29 pm (16 दिन पहले)· 2

हैदराबाद रैली से असदुद्दीन ओवैसी का आह्वान, यूपी में बिहार जैसी मुस्लिम एकजुटता और मनुस्मृति पर बीजेपी को घेरा

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में मुस्लिम एकजुटता की अपील की और मनुस्मृति के अध्याय 7 पर बीजेपी-आरएसएस को खुली चुनौती दी, जिस पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया।

हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय से अपनी स्वतंत्र राजनीतिक कयादत को मजबूत करने का पुरजोर आह्वान किया है। स्कूल में हिजाब पहनने से जुड़ी याचिका को खारिज करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी अदालत को मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान सामने आई मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की राजनीतिक ताकत दिखाने की सख्त जरूरत है।

उत्तर प्रदेश का राजनीतिक गणित और अखिलेश यादव के समक्ष चुनौतियां

असदुद्दीन ओवैसी की संपूर्ण राजनीति की मुख्य धुरी मुसलमानों के मुद्दों पर बिना किसी झिझक के सीधी और बेबाक बात करना रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक धरातल पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने चुनौतियां काफी भिन्न हैं। अखिलेश यादव को राज्य में चुनावी सफलता हासिल करने के लिए मुस्लिम मतों के साथ-साथ हिंदू समाज के विविध वर्गों को भी एक साथ जोड़कर चलना पड़ता है। यही वजह है कि उन्हें हर राजनीतिक कदम बेहद सतर्कता और संतुलन के साथ उठाना पड़ता है।

ये भी पढ़ें

ऐसी स्थिति में ओवैसी द्वारा मुस्लिम कयादत को लेकर दिया गया आक्रामक बयान समाजवादी पार्टी के वोट बैंक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया बयानबाजी भी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के राजनीतिक गणित को और अधिक जटिल बना देती है, जिससे राज्य में विपक्षी गठबंधन का संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

मनुस्मृति विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी पर निशाना

देश के राजनीतिक गलियारों में प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति को लेकर भी बहस काफी तीखी हो गई है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महिलाओं के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए थे। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने इस विवाद में दलितों का मुद्दा शामिल कर दिया है। ओवैसी ने दावा किया कि मनुस्मृति में दलित समुदाय को लेकर भी कई विवादास्पद बातें कही गई हैं।

ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संघ से जुड़े कई प्रमुख नेता ऐतिहासिक रूप से मनुस्मृति को ही भारत का संविधान बनाने की मंशा रखते थे। एआईएमआईएम प्रमुख ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि बीजेपी और संघ को मनुस्मृति पर इतना ही भरोसा है, तो उन्हें इसके अध्याय 7 में दलितों के संदर्भ में लिखी गई सभी बातों को देश की जनता के सामने खुलकर स्वीकार करना चाहिए।

बीजेपी का पलटवार और सांसद सुधांशु त्रिवेदी के सवाल

ओवैसी और राहुल गांधी के बयानों का करारा जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर करारा हमला किया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मनुस्मृति के संदर्भों की गलत और भ्रामक व्याख्या करके देश के हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं।

बीजेपी सांसद ने मनुस्मृति का हवाला देकर राजनीति करने वाले नेताओं से सवाल किया कि जो लोग इस ग्रंथ को लेकर अनर्गल दावे कर रहे हैं, वे पहले यह स्पष्ट करें कि उनके पास मूल मनुस्मृति की प्रामाणिक प्रति कहां से आई। त्रिवेदी ने चुनौती दी कि विपक्षी नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि वे मनुस्मृति के किस संस्करण और किस पाठ के आधार पर अपने आरोप तय कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के किस फैसले पर सवाल उठाया?
असदुद्दीन ओवैसी ने हिजाब के मुद्दे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को अनुचित बताते हुए कहा कि अदालतों को मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है।
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से क्या अपील की?
ओवैसी ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समुदाय से एकजुट होने और अपनी स्वतंत्र राजनीतिक कयादत तैयार करने की अपील की।
ओवैसी ने मनुस्मृति को लेकर बीजेपी और आरएसएस को क्या चुनौती दी?
ओवैसी ने आरोप लगाया कि आरएसएस मनुस्मृति को संविधान बनाना चाहता था और बीजेपी-आरएसएस को चुनौती दी कि वे अध्याय 7 में दलितों को लेकर लिखी बातों को सार्वजनिक करें।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ओवैसी के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष हिंदू समाज को बांटने के लिए मनुस्मृति की गलत व्याख्या कर रहा है और उन्होंने आलोचकों से मूल प्रामाणिक प्रति का स्रोत पूछा।
असदुद्दीन ओवैसी के बयानों से अखिलेश यादव के सामने क्या चुनौती खड़ी होती है?
अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों का समर्थन हासिल करना होता है, जिससे ओवैसी के आक्रामक बयान उनकी राजनीतिक रणनीति को संवेदनशील बना देते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·15 दिन पहले

खेल के मैदान की तरह राजनीति में भी रणनीति और गठबंधन ही जीत तय करते हैं। असदुद्दीन ओवैसी का उत्तर प्रदेश में बिहार जैसी मुस्लिम एकजुटता का आह्वान विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है। जैसे खेल में एक रणनीतिक बदलाव पूरे मैच का पासा पलट देता है, वैसे ही यह बयान आगामी चुनावों में क्षेत्रीय समीकरणों और वोटों के ध्रुवीकरण को पूरी तरह से बदल सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

असदद्दीन ओवैसी का यह आह्वान सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर असर डाल सकता है। आगामी उप चुनावों और विधानसभा चुनावों से पहले मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण की यह रणनीति क्षेत्रीय राजनीति का समीकरण बदल सकती है। ओवैसी द्वारा मनुस्मृति के जरिए दलित-मुस्लिम मुद्दों को एक मंच पर लाने की कोशिश से राज्य में सामाजिक न्याय की बहस तेज होगी, जिसका असर विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर पड़ना तय है।

Michael Anderson@michael-anderson·15 दिन पहले

असदद्दीन ओवैसी की यह रणनीति केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन के सामाजिक समीकरणों पर भी पड़ेगा। जब क्षेत्रीय दल अपने पीडीए फॉर्मूले के तहत जातियों और समुदायों को साधने की कोशिश कर रहे हैं, तब ओवैसी का आक्रामक रुख विपक्ष के भीतर वैचारिक असंतोष को सतह पर ला रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह ध्रुवीकरण क्षेत्रीय चुनावों में वोटों के पारंपरिक बंटावारे को गहरा करता है या नहीं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान और मनुस्मृति को लेकर बढ़ता विवाद उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में ध्रुवीकरण की राजनीति को और तेज कर सकता है। इससे न केवल सत्ताधारी दल को वैचारिक बहस को मोड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के लिए मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग के समीकरण को साधना बेहद पेचीदा और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·16 दिन पहले

ओवैसी की यह रणनीति केवल वैचारिक बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के चुनावी अर्थशास्त्र और क्षेत्रीय दलों के वित्तीय-राजनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा। जब अल्पसंख्यक मतदाता अपनी स्वतंत्र लकीर खींचते हैं, तो राज्य के संपूर्ण राजनीतिक ध्रुवीकरण का रुख बदल जाता है, जिससे विपक्षी दलों के लिए संसाधनों और समर्थन आधार का प्रबंधन करना और अधिक पेचीदा हो जाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR