कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद देश में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कूटनीतिक मर्यादा का पालन करने का स्पष्ट संदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि भारत और इटली के संबंध ऐतिहासिक, प्रगाढ़ और व्यापक हैं, जिन्हें आपसी सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय की कूटनीतिक मर्यादा पर हिदायत
विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में शिष्टाचार और आदर का बहुत बड़ा महत्व होता है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी जिम्मेदार मंच पर वैश्विक नेताओं से जुड़े विषयों पर बोलते समय गरिमा का ध्यान रखा जाना अनिवार्य है। हल्की राजनीतिक टिप्पणियों से इतर दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विपक्ष की बयानबाजी और बीजेपी का तीखा हमला
कार्यक्रम के दौरान संदीप दीक्षित द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र किए जाने पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद राजनीति तेज हो गई। इस बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी की नेता बांसुरी स्वराज और प्रह्लाद जोशी ने टिप्पणी की तीखी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक गरिमा के खिलाफ बताया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के प्रति इस तरह की शब्दावली पूरी तरह अनुचित है।
निशिकांत दुबे समेत अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
विवाद के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई और अपना विरोध दर्ज कराया। सत्तापक्ष के विभिन्न नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और मित्र देशों के राष्ट्रप्रमुखों का नाम घरेलू राजनीति के तुच्छ विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के स्पष्ट रुख के बाद अब इस मुद्दे पर कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी बहस शुरू हो गई है।





















