कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP और SFI समर्थकों के बीच पिछले हफ्ते हुई हिंसक झड़प के बाद से ही माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यूनिवर्सिटी परिसर में कथित तौर पर सामने आई देश-विरोधी वॉल ग्राफ़िटी और आपत्तिजनक ड्राइंग्स पर गहरी चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने राज्य के यूनिवर्सिटी अधिकारियों को इस पूरे मामले की गहन जांच करने और कैंपस में छात्रों का ऑन-ग्राउंड फिजिकल वेरिफिकेशन करने का सख्त निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री का यह कड़ा कदम यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य द्वारा सभी हितधारकों के साथ बुलाई गई उस अहम बैठक के ठीक बाद आया है, जो सोमवार रात किसी भी नतीजे पर पहुंचे बिना ही समाप्त हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने दिए हॉस्टल की जांच और कार्रवाई के निर्देश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक ग्रुप की तरफ से इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों के साथ कैंपस में बनाई गई देश-विरोधी और आपत्तिजनक ग्राफ़िटी की तस्वीरें भी साझा की गई थीं। जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के आर्ट्स डिपार्टमेंट के लड़कों के हॉस्टल के भीतर कई आपत्तिजनक और विकृत तस्वीरें पाई गईं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि शैक्षणिक परिसर के भीतर इस तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में शुभेंदु अधिकारी ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के किसी भी हिस्से में, और विशेष तौर पर शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों के भीतर, देश-विरोधी हरकतों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है। जादवपुर की ताजा घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री का यह संदेश काफी कड़ा माना जा रहा है। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आर्ट्स डिपार्टमेंट के बॉयज़ हॉस्टल की तुरंत जमीनी स्तर पर जांच की जाए और वहां मौजूद आपत्तिजनक दीवारों की पेंटिंग को तुरंत हटाया जाए।
शैक्षणिक संस्थानों की पवित्रता और राष्ट्र-निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि शैक्षिक संस्थान केवल पढ़ाई, शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्र-निर्माण के पावन केंद्र होते हैं। किसी भी परिस्थिति में इन परिसरों का इस्तेमाल किसी विकृत प्रोपेगैंडा को आगे बढ़ाने या भारत-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे इस मामले में बिना किसी देरी के जांच की प्रक्रिया शुरू करें। सबसे पहले यूनिवर्सिटी के आर्ट्स डिवीजन के हॉस्टल इलाके में ज़मीनी स्तर पर जाकर यह पता लगाया जाए कि क्या वाकई ऐसी अनुचित वॉल ग्राफ़िटी वहां मौजूद हैं।
यदि जांच के दौरान इन देश-विरोधी बातों और मानसिक रूप से विक्षिप्त चित्रों की मौजूदगी की पुष्टि हो जाती है, तो प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। इनमें सबसे पहले उन आपत्तिजनक ग्राफ़िटी को हटाना, इस पूरी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करना और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक तथा कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कैंपस के नियम-कानूनों का पूरी सख्ती से पालन हो और शिक्षण संस्थानों की मूल गरिमा पर कोई आंच न आए।





















