केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं के बीच लंबे समय से जारी टकराव में बातचीत का रास्ता खुल गया। दोनों पक्षों के बीच सुबह 11.50 बजे से मुलाकात शुरू हुई और जेपी नड्डा ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए इसे अपना पहला बयान बताया।
कैसे शुरू हुई बातचीत
जेपी नड्डा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से ही पहली बार सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया। इसके बाद सुबह 11.50 बजे से दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ जो घंटों तक चला। जेपी नड्डा के मुताबिक यह पूरी मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
पहले मौखिक चर्चा, फिर लिखित याचिका
सीजेपी के डेलीगेशन के साथ जेपी नड्डा ने पहले विस्तार से मौखिक बातचीत की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर विस्तार से अपनी बात रखी। इसके बाद दोपहर करीब 4 बजे डेलीगेशन ने जेपी नड्डा को एक लिखित याचिका भी सौंपी। खबरों के मुताबिक सीजेपी ने अपनी तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं।
जेपी नड्डा ने क्या कहा
मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने एक्स पर मीटिंग की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11.50 बजे से ही हमारी बातचीत जारी है।" उन्होंने आगे लिखा कि सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपना धरना समाप्त करें और प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करें।
दिल्ली पुलिस विवाद और सरकार की प्रतिक्रिया
इस मुलाकात से ठीक पहले सीजेपी अपने ही एक दावे से पलट गई थी। पार्टी ने पहले आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस उनके नेता अभिजीत दीपके को उठा ले गई, लेकिन बाद में सीजेपी ने इस दावे को वापस ले लिया। इसके अलावा, सीजेपी नेता सौरव दास से मुलाकात के बाद मोदी सरकार की तरफ से पहली प्रतिक्रिया में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा भी सामने आया, जिसे लेकर खबरों में चर्चा तेज हो गई है।



















