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जंतर मंतर प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी पर हुई टिप्पणियों पर भड़कीं कंगना रनौत, छात्र राजनीति के स्तर पर उठाए गंभीर सवालराजनीति
28 जुल॰ 2026, 3:36 pm (91 दिन पहले)· 0

जंतर मंतर प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी पर हुई टिप्पणियों पर भड़कीं कंगना रनौत, छात्र राजनीति के स्तर पर उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ जारी प्रदर्शन समाप्त हो गया है। इस बीच बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध-प्रदर्शन अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की सभी प्रमुख शर्तों को स्वीकार करने के बाद आंदोलन खत्म हुआ, जिसके तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही पद से अपना इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, इस पूरे आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के प्रति इस्तेमाल की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। संसद के जारी मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा, जहां भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शन के दौरान की गई भाषा पर कड़ा विरोध जताया।

प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सांसद ने जताई नाराजगी

संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए भाजपा सांसद ने छात्र आंदोलनों की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन देश के शीर्ष नेतृत्व और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ अश्लील शब्दों का प्रयोग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। स्वयं छात्र आंदोलनों से जुड़े रहने के अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने इस तरह के आचरण को सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ बताया।

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कंगना रनौत ने कहा, "हमारे 75 साल के प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए बेहद भद्दी गालियां दी गईं।"

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के भविष्य और उनके परिजनों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित किया। सांसद ने कहा कि यदि ये युवा गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त होकर कानूनी मुकदमों में फंसते हैं, तो उनके परिवारों के पास सर्वोच्च न्यायालय के महंगे वकीलों की फीस भरने के साधन नहीं हैं। उन्होंने अपना उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने सोलह वर्ष की आयु में ही आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए थे ताकि माता-पिता पर बोझ न बनें। इस संदर्भ में उनका X पर जारी वीडियो बयान काफी चर्चा में है।

सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 और प्रशासनिक सुधार

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए सांसद ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह कदम दिखाता है कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कंगना रनौत ने कहा कि पूर्ववर्ती UPA सरकार के कार्यकाल में शिक्षा बजट काफी सीमित था और वर्तमान में विपक्ष द्वारा किया जा रहा हंगामा केवल उनकी राजनीतिक निराशा को उजागर करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नया संशोधन कानून लागू होने से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और मेधावी छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।

सवाल-जवाब

जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हो रहा था?
यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली के विरोध में आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन खत्म होने के पीछे मुख्य वजह क्या रही?
केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों के किस व्यवहार पर आपत्ति जताई?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र और अश्लील भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई।
पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने क्या विधायी कदम उठाया है?
सरकार ने संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया है और परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है।
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