उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक और राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू होते ही मिर्जापुर जिले का छानबे विधानसभा क्षेत्र चर्चा के केंद्र में आ गया है। ड्रमंडगंज बाजार से लेकर गांव के चौराहे तक, चाय और पान की दुकानों पर इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्षेत्र का भावी जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिए। पांच वर्षों में विकास के धरातलीय कार्यों, चिकित्सा सेवाओं, सड़कों के निर्माण और जल निकासी की स्थिति को लेकर मतदाता अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
विधायक की कार्यशैली और छवि पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
छानबे क्षेत्र के ड्रमंडगंज बाजार में संवाद के दौरान स्थानीय नागरिक जय प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र में विकास के कार्य कराए गए हैं और वर्तमान विधायक ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने विशेष रूप से मतवार मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विधायक इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में मुकेश कुमार तिवारी ने कहा कि विधायक रिंकी कोल की छवि पूरी तरह से विवाद रहित रही है। उनका मानना है कि पिछले प्रतिनिधियों से जुड़ी विभिन्न कंट्रोवर्सी के मुकाबले वर्तमान विधायक का कार्यकाल शांत और बेहतर रहा है, जिसके कारण जनता का एक वर्ग उन्हें पसंद करता है। इसके अलावा शिवराज दुबे का कहना है कि रिंकी कोल का स्वभाव सरल और सौम्य है, जो उन्हें आम नागरिकों के बीच सहज बनाता है।
धरातलीय विकास और बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल
दूसरी तरफ, क्षेत्र के कई मतदाता विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को लेकर असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। उमेश केशरी के अनुसार, धरातल पर नए विकास कार्य कम दिखाई देते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व में उनके पति स्व. राहुल कोल द्वारा राम लीला मैदान के पास बनवाया गया चबूतरा ही एक प्रमुख निर्माण के रूप में दिखता है, जिसका शिलापट्ट आज भी मौजूद है। बरौधा क्षेत्र के निवासी जेपी मिश्र ने सड़क और नाली की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि विधायक की उपस्थिति क्षेत्र में न के बराबर रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनता ऐसे नए चेहरे को चुनने के मूड में है जो सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और मानसून की समस्या
रमेश कुमार विश्वकर्मा ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पांच वर्षों में विकास योजनाओं का असर धरातल के बजाय केवल कागजों तक सीमित जान पड़ता है और क्षेत्र के लोगों को जनप्रतिनिधि की सुध नहीं मिली। बुनियादी सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए राजू मिश्रा ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा अधिकारियों की नियमित उपस्थिति न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारी बारिश से कई कच्चे मकान गिर गए, लेकिन प्रशासन या जनप्रतिनिधि की ओर से कोई ठोस सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। स्थानीय नागरिक श्यामलाल ने भी कहा कि विधायक से संपर्क न हो पाने के कारण आम लोग बदहाली में जीवन जीने को मजबूर हैं।




















