संसद के मानसून सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है और सदन के भीतर विपक्ष का तेवर पहले दिन जितना ही तीखा बना हुआ है। NEET पेपर लीक मामला, राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठा विवाद और कुछ अन्य मुद्दों पर विपक्षी सांसद लगातार सरकार पर हमलावर रहे, जिसकी वजह से लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी।
पहले दिन भी सदन के अंदर-बाहर तनाव
सोमवार को सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर विपक्ष के तेवर तीखे नजर आए थे, तो वहीं संसद परिसर के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला था। NEET पेपर लीक मामला, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और कई अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा रहा था। यही तनातनी मंगलवार को भी जारी रही और इसका सीधा असर सदन की कार्यवाही पर पड़ा।
लोकसभा में अध्यक्ष की अपील, विपक्ष चर्चा पर अड़ा
लोकसभा में अध्यक्ष सांसदों से बार-बार यही अनुरोध करते रहे कि वे अपनी सीटों पर बैठें और नियमों के तहत ही चर्चा करें। इसके बावजूद विपक्षी सांसद तत्काल चर्चा कराने और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े रहे। नतीजा यह हुआ कि सदन की कार्यवाही सामान्य ढंग से आगे नहीं बढ़ पाई।
राज्यसभा में खरगे ने उठाया छात्रों पर सख्ती का मुद्दा
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने NEET पेपर लीक मामले से लेकर देशभर में छात्रों के खिलाफ हुई सख्त कार्रवाई तक का मुद्दा उठाया। उनके इस बयान के तुरंत बाद सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया, जिससे कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
सरकार बोली, चर्चा से पीछे नहीं हटेंगे
सरकार की ओर से यह साफ किया गया कि वह किसी भी मुद्दे पर बहस से भागना नहीं चाहती, लेकिन यह चर्चा संसदीय नियमों और मर्यादा के दायरे में ही होनी चाहिए। सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में दिए अपने संबोधन में उम्मीद जताई थी कि इस सत्र में सार्थक और गंभीर चर्चा देखने को मिलेगी।




















