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मोरिंडा में उमड़े 65 कांग्रेस नेता, चन्नी खेमे ने ठोकी राजा वड़िंग की जगह बदलने की मांगराजनीति
3 जुल॰ 2026, 8:48 pm (70 दिन पहले)· 1

मोरिंडा में उमड़े 65 कांग्रेस नेता, चन्नी खेमे ने ठोकी राजा वड़िंग की जगह बदलने की मांग

पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज़ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित घर पर 65 कांग्रेस नेता जुटे, जिनमें पांच मौजूदा विधायक भी शामिल थे, और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मांग की गई।

पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बड़ी उठापटक देखने को मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद न मिलने से वे नाराज़ बताए जा रहे हैं और अब उन्होंने पार्टी के हाईकमान के सामने ही अपनी नाराज़गी खुलकर जता दी है। पार्टी के भीतर बगावत के सुर तेज़ होते दिख रहे हैं और आने वाले दिनों में कुछ नेता इस्तीफे तक की राह अपना सकते हैं। चन्नी खेमे ने साफ कह दिया है कि उन्हें अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का प्रदेश अध्यक्ष बने रहना मंजूर नहीं है और पार्टी हाईकमान को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए।

मोरिंडा में जुटे 65 नेता, पांच मौजूदा विधायक भी पहुंचे

चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित घर पर हुई इस बैठक में कुल 65 कांग्रेस नेता इकट्ठा हुए। इनमें पांच मौजूदा विधायक भी शामिल थे, तृप्त रजिंदर बाजवा, राणा गुरजीत, विधायक सुखबीर सिंह सुख सरकारिया, शाहकोट से विधायक लाड़ी शेरोवालिया और बरनाला से विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लो। इसके अलावा बैठक में कई पूर्व विधायक भी पहुंचे, जिनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशु, गुरकीरत कोटली, दर्शन सिंह बराड़, लखवीर सिंह लखा, मदनलाल जलालपुर, अंगद सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह गिल, कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, तरसेम सिंह, देवेंद्र घुबाया, जोगिन्द्र पॉल और इंदरबीर सिंह बोलारिया के नाम शामिल हैं। इस तरह कुल 15 पूर्व विधायक बैठक में मौजूद रहे। इनके अलावा एक पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक ने भी बैठक में शिरकत की।

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बलकौर सिंह भी पहुंचे, जो राजा वड़िंग के करीबी माने जाते हैं

इस बैठक में पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिन्दर सिंह ढिल्लों भी पहुंचे। इनके अलावा सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भी बैठक में हिस्सा लिया, जिन्हें आमतौर पर राजा वड़िंग का करीबी माना जाता है। इनकी मौजूदगी ने इस बैठक की अहमियत और भी बढ़ा दी। बैठक खत्म होने के बाद सभी नेता एक साथ बाहर आए और ग्रुप फोटो खिंचवाई।

हाईकमान से कोई विवाद नहीं, लेकिन आपत्तियां हैं: तृप्त राजिंदर बाजवा

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि पार्टी हाईकमान के साथ उनका कोई विवाद नहीं है, लेकिन उन्हें कुछ आपत्तियां जरूर हैं और वे एक बार फिर हाईकमान से बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं के मन में कुछ नाराज़गी और असंतोष है और वे चाहते हैं कि पार्टी हाईकमान उनकी बात सुने और उनकी शिकायतों तथा चिंताओं का समाधान करे। बाजवा ने यह भी बताया कि हाल ही में हुए संगठन पुनर्गठन में हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की बजाए उन्हें इस पद पर बरकरार रखा, और यही फैसला अब पूरे विवाद की जड़ बन गया है।

चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए बिना सरकार बनना मुश्किल: दर्शन बराड़

बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश प्रमुख नहीं बनाया गया, तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बनना मुश्किल हो जाएगा। इस बयान से साफ है कि चन्नी खेमे के नेता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और आने वाले दिनों में पार्टी हाईकमान पर दबाव और बढ़ सकता है।

सवाल-जवाब

चरणजीत सिंह चन्नी पार्टी हाईकमान से नाराज़ क्यों हैं?
उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद नहीं दिया गया, जिससे वे नाराज़ बताए जा रहे हैं।
मोरिंडा में हुई बैठक में कितने नेता शामिल हुए?
बैठक में कुल 65 कांग्रेस नेता जुटे, जिनमें पांच मौजूदा विधायक और 15 पूर्व विधायक शामिल थे।
बैठक में कौन से मौजूदा विधायक मौजूद थे?
तृप्त रजिंदर बाजवा, राणा गुरजीत, सुखबीर सिंह सुख सरकारिया, लाड़ी शेरोवालिया और कुलदीप सिंह ढिल्लो बैठक में मौजूद रहे।
चन्नी खेमे की मुख्य मांग क्या है?
चन्नी खेमे ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की है।
बैठक में सिद्धू मूसेवाला के पिता क्यों पहुंचे?
बलकौर सिंह भी बैठक में शामिल हुए, हालांकि उन्हें आमतौर पर राजा वड़िंग का करीबी माना जाता है।
तृप्त राजिंदर बाजवा ने बैठक के बाद क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हाईकमान से कोई विवाद नहीं है, लेकिन कुछ आपत्तियां हैं और वे हाईकमान से दोबारा बात करना चाहते हैं।
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