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मुख्तार अंसारी का बेटा हूं और रगों में उनका खून, गाजीपुर में बोले विधायक अब्बास अंसारीराजनीति
23 अग॰ 2026, 12:29 am (65 दिन पहले)· 4

मुख्तार अंसारी का बेटा हूं और रगों में उनका खून, गाजीपुर में बोले विधायक अब्बास अंसारी

गाजीपुर में एक शहीद की पुण्यतिथि पर पहुंचे विधायक अब्बास अंसारी ने विवादित और बेबाक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह मुख्तार अंसारी के बेटे हैं और चार साल जेल में रहने के बाद भी डरे नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद इलाके के पडैनिया गांव में कारगिल शहीद रामदुलार यादव की 27वीं पुण्यतिथि का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में मऊ से विधायक अब्बास अंसारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया और नमन किया। इस कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्तार अंसारी का जिक्र करते हुए अपने पारिवारिक और राजनीतिक सफर पर खुलकर बात की।

मंच से पिता मुख्तार को किया याद

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक अब्बास अंसारी ने अपने परिचय में कहा कि वह मऊ के विधायक हैं और मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता का खून उनकी रग-रग में दौड़ रहा है। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत पड़े, वे उनसे मांग सकते हैं। उन्होंने अपने चार साल के कारावास का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें चार साल के लिए जेल भेजा गया था, लेकिन वह जरा भी नहीं डरे और अब और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच लौटकर आए हैं।

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गाजीपुर को बताया वीरों की भूमि

अपने भाषण में अब्बास अंसारी ने गाजीपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की तारीफ करते हुए इसे वीरों की धरती करार दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल शहीद रामदुलार यादव ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उन्होंने दावा किया कि इस जिले के शायद ही किसी गांव का ऐसा कोई परिवार होगा, जिसने देश सेवा के लिए अपना बेटा सेना या सुरक्षा बलों में न भेजा हो। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनका समय खराब चल रहा है, तो जनता का समय भी कठिन है, लेकिन यह वक्त जल्द ही बदलेगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विधानसभा चुनाव

अब्बास अंसारी ने साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मऊ सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। उस समय सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरकर यह चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी।

सदस्यता जाने और बहाली का सफर

बता दें कि साल 2022 के एक हेट स्पीच मामले में निचली अदालत ने अब्बास अंसारी को दो साल कैद की सजा सुनाई थी, जिसके परिणामस्वरुप उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें कानूनी राहत मिल गई। इसके बाद 8 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी, जिससे मऊ में उपचुनाव होने का संकट टल गया था।

सवाल-जवाब

गाजीपुर में किस कार्यक्रम में अब्बास अंसारी शामिल हुए थे?
अब्बास अंसारी गाजीपुर के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पडैनिया गांव में कारगिल शहीद रामदुलार यादव की 27वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
अब्बास अंसारी किस विधानसभा सीट से विधायक हैं?
अब्बास अंसारी मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता कब बहाल की गई थी?
उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने 8 सितंबर 2025 को अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल की थी।
अब्बास अंसारी ने 2022 का चुनाव किस पार्टी के टिकट पर जीता था?
उन्होंने 2022 का चुनाव सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर समाजवादी पार्टी के गठबंधन के तहत जीता था।
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टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·65 दिन पहले

अब्बास अंसारी का यह बयान महज एक श्रद्धांजलि सभा का भाषण नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक री-ब्रांडिंग और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में अपनी विरासत को जीवित रखने की सोची-समझी रणनीति है। चार साल की कानूनी लड़ाई और हाल ही में विधानसभा सदस्यता बहाल होने के बाद उनका यह तेवर यह साफ संकेत देता है कि वह मऊ और गाजीपुर की राजनीति में अपनी पारंपरिक पृष्ठभूमि का इस्तेमाल जनता के बीच सहानुभूति और शक्ति प्रदर्शन दोनों के लिए करेंगे। आगामी चुनावों के मद्देनजर, उनकी यह आक्रामक बयानबाजी सत्ता के गलियारों में नए समीकरण तय कर सकती है और प्रशासन की पैनी नजर उन पर बनी रहेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·65 दिन पहले

अब्बास अंसारी का यह बयान प्रशासनिक और कानूनी हलकों में पैनी नजर का विषय बन गया है। हाल ही में हाईकोर्ट से सदस्यता बहाल होने और चार साल के कारावास के बाद उनका यह तेवर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में नए समीकरण पैदा कर सकता है। अभियोजन पक्ष और जांच एजेंसियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस प्रकार के सार्वजनिक बयानों का स्थानीय शांति और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ता है।

Divya Reddy@divya-reddy·65 दिन पहले

अब्बास अंसारी के इस प्रकार के बयानों से राजनीतिक माहौल तो गर्माता ही है, साथ ही शैक्षणिक संस्थानों और युवा वर्ग पर भी इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। जब जनप्रतिनिधि कानून और अदालतों से कानूनी राहत मिलने के बाद सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की आक्रामक बयानबाजी करते हैं, तो यह युवाओं और छात्र समुदाय के बीच गलत संदेश भेजता है। नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों के लिए यह चिंता का विषय है कि इस तरह की राजनीति युवा पीढ़ी में लोकतांत्रिक मूल्यों और विधि के शासन के प्रति दृष्टिकोण को कैसे प्रभावित कर रही है।

Ravikash Gupta@ravikash·65 दिन पहले

अब्बास अंसारी का यह बयान एक ऐसे दौर में आया है जब उनकी सदस्यता हाल ही में बहाल हुई है और वे राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पारिवारिक पहचान को आगे रखकर दिए गए ऐसे भाषण क्षेत्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं और इसका सीधा असर आगामी राजनीतिक समीकरणों तथा कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पड़ सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·65 दिन पहले

रविकेश के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह ध्यान रखना होगा कि गाजीपुर और पूर्वांचल की राजनीति में पारिवारिक और भावनात्मक बयानों का एक अलग ही असर होता है। हाल ही में सदस्यता बहाल होने के बाद अब्बास अंसारी का यह तेवर साफ संकेत देता है कि वे अपनी राजनीतिक जमीन को फिर से तैयार करने में जुट गए हैं। चार साल के कारावास के बाद जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की यह रणनीति आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सत्ता समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है। इस तरह के बयानों से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर निगाहें टिकना लाजिमी है, क्योंकि इसका सीधा असर स्थानीय सियासी नफा-नुकसान पर पड़ेगा।

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