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मुंबई में सिर्फ महादेव का नाम चलेगा, आई लव मोहम्मद पर मंत्री नितेश राणे का बड़ा बयानराजनीति
23 अग॰ 2026, 10:19 pm (19 दिन पहले)· 2

मुंबई में सिर्फ महादेव का नाम चलेगा, आई लव मोहम्मद पर मंत्री नितेश राणे का बड़ा बयान

महाराष्ट्र में कांवड़ यात्रा के दौरान दिए गए एक भाषण में मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुंबई और राज्य में केवल 'आई लव महादेव' चलेगा। उन्होंने हिंदुओं को त्योहार पूरी ताकत से मनाने का आह्वान किया और कहा कि सत्ता में हिंदुत्ववादी नेता बैठे हैं।

महाराष्ट्र में कांवड़ यात्रा के मौके पर दिए गए एक भाषण के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई की सड़कों पर 'आई लव मोहम्मद' नहीं बल्कि केवल 'आई लव महादेव' ही गूंजेगा और चलेगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं।

हिंदू राष्ट्र में नहीं मनाएंगे तो क्या पाकिस्तान में मनाएंगे

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए नितेश राणे ने कहा कि यह पूरा देश एक हिंदू राष्ट्र है और विशेष तौर पर महाराष्ट्र तथा हमारी मुंबई सीधे तौर पर महादेव की भूमि है। इसी वजह से हिंदुओं के प्रत्येक पर्व को इसी भव्यता और पैमाने के साथ मनाया जाना चाहिए, जो हम सबका सामूहिक दृष्टिकोण है। उन्होंने अपने संबोधन में वहां मौजूद सभी हिंदू भाइयों और बहनों का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले वक्त में हर हिंदू पर्व को पूरी ताकत के साथ मनाया जाना चाहिए। चूंकि वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री हिंदुत्ववादी विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए सभी को बिना किसी डर के अपने त्योहारों को पूरी ऊर्जा के साथ मनाना चाहिए।

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उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि हम अपने इस देश में बड़े स्तर पर अपने उत्सव नहीं मनाएंगे, तो क्या उन्हें पाकिस्तान और इस्लामाबाद जाकर बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। नितेश राणे ने कहा कि चूंकि हम एक हिंदू राष्ट्र की धरती पर जीवन जीते हैं, इसलिए हमारे सभी आयोजन और उत्सव यहीं पर धूमधाम से होने चाहिए।

किसी भी मार्ग और मस्जिद के पास से निकालें यात्रा

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले सभी पर्वों को बिना किसी बाहरी दबाव या परवाह के पूरी शक्ति के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने सलाह दी कि आप सभी को जिस भी रास्ते से इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम या कांवड़ यात्रा निकालनी हो, आप बेझिझक निकालें। रास्ते में चाहे कितनी भी बड़ी मस्जिद क्यों न आ जाए, आपको किसी भी बात की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

मंत्रालय में बैठे हैं कट्टर हिंदुत्ववादी

नितेश राणे ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी बात से डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज के समय में आपके सभी भगवाधारी समर्थक भाई सीधे मंत्रालय और सत्ता की कुर्सियों पर काबिज हैं। उन्होंने दोहराया कि यह स्थान महादेव की पवित्र भूमि है और इस मुंबई की धरती पर 'आई लव मोहम्मद' के बजाय सिर्फ 'आई लव महादेव' का ही प्रभाव दिखेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपके जितने भी विधायक चुने गए हैं, वे राजनीति में विधायक बाद में बनते हैं और एक कट्टर हिंदुत्ववादी नेता पहले होते हैं, जिन्हें वे व्यक्तिगत रूप से अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम सब लोग आपको इस मुंबई शहर में पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए ही मंत्रालय के पदों पर बैठे हैं।

जनता ने चुनी है मौजूदा हिंदुत्ववादी सरकार

मंत्री ने अपनी बात पर जोर देते हुए याद दिलाया कि महाराष्ट्र की इस मौजूदा सरकार को राज्य की हिंदू जनता ने ही चुनकर सत्ता में भेजा है। आप सभी मतदाताओं ने ही हमें अपना प्रतिनिधि बनाकर मंत्रालय की कुर्सियों पर बिठाया है, और यह बात आप सभी को हमेशा याद रखनी चाहिए। इसलिए आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपको संबल देना और हिंदुओं के प्रत्येक पर्व को पूरी ताकत के साथ संपन्न करवाना इस सरकार की प्राथमिकता है और सरकार आपके साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है।

त्रिशूल चलाने का समय आ गया है

कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए नितेश राणे ने कहा कि अब आपकी यह यात्रा जहां से भी गुजरेगी, आपको किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। आप सब मुंबई में एक सच्चे हिंदू के रूप में निवास करते हैं। जैसा कि अभी मुरजी भाई ने हमारे हाथों में त्रिशूल सौंप दिया है, तो अब उस त्रिशूल का उपयोग करने का कार्य हमारा ही है। महादेव का काम केवल अपने भक्तों को आशीर्वाद देना है, लेकिन जमीन पर आगे की कार्रवाई तो हम इंसानों को ही करनी होगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी की भी बुरी नजर आपकी तरफ उठी, तो महादेव ने हमें त्रिशूल चलाना बहुत अच्छी तरह सिखाया है। हम ऐसा कड़ा रुख अपनाएंगे कि विरोधी संभल नहीं पाएंगे। इस सिलसिले में नितेश राणे पहले भी कह चुके हैं कि ये देवा भाऊ का महाराष्ट्र है जहां विरोधी खेमे में घर में घुसकर मारा जाता है।

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सवाल-जवाब

नितेश राणे ने मुंबई को लेकर क्या बयान दिया है?
नितेश राणे ने कहा कि मुंबई में 'आई लव मोहम्मद' नहीं बल्कि केवल 'आई लव महादेव' ही चलेगा।
यह बयान किस अवसर पर दिया गया?
यह बयान महाराष्ट्र में कांवड़ यात्रा के दौरान एक सार्वजनिक मंच को संबोधित करते हुए दिया गया।
नितेश राणे ने त्योहारों को लेकर क्या कहा है?
उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपने सभी त्योहार बिना किसी डर के पूरी ताकत और भव्यता के साथ मनाने चाहिए।
सरकार को लेकर मंत्री ने क्या आश्वासन दिया?
उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदुत्ववादी सरकार और मुख्यमंत्री सत्ता में हैं, जो हिंदुओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·18 दिन पहले

संदीप यादव के खेल विशेषज्ञता के दृष्टिकोण से, इस तरह के राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयान समाज में ध्रुवीकरण को बढ़ाते हैं और सार्वजनिक सौहार्द को बिगाड़ते हैं। खेल के मैदान पर जहाँ आपसी भाईचारा और एकता मुख्य होती है, वहीं ऐसी बयानबाजी सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। भविष्य में इस प्रकार के भाषणों से कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जिससे सार्वजनिक जीवन पर गहरा असर पड़ेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

नितेश राणे का यह बयान राज्य में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। ऐसे बयानों से क्षेत्रीय राजनीति में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने और प्रशासनिक चुनौतियों के पैदा होने की पूरी आशंका है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·19 दिन पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह स्पष्ट है कि ऐसे बयानों का सीधा असर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और शहरी निवेश के माहौल पर पड़ सकता है। आगामी चुनावों के नजदीक इस तरह की बयानबाजी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का जोखिम रहता है, जिससे प्रशासनिक मशीनरी और कानून-व्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। यह स्थिति राज्य के आर्थिक विकास और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व दोनों के लिए चिंता का विषय है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक मंच से धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले ऐसे बयान कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पैदा करते हैं। आपराधिक मामलों और कानून के जानकारों के अनुसार, इस प्रकार के भाषण भड़काऊ भाषण की श्रेणी में आ सकते हैं, जिससे दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ने और सार्वजनिक शांति भंग होने का सीधा खतरा रहता है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, और यदि इस पर समय रहते कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी त्योहारों के दौरान माहौल और अधिक बिगड़ सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

नितेश राणे के इस बयान का सीधा असर महाराष्ट्र की कारोबारी छवि और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है। वित्तीय राजधानी मुंबई में ऐसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जुड़े बयान बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करते हैं और कॉर्पोरेट सेक्टर में भी अनिश्चितता का माहौल पैदा होता है। जब राजनीतिक मंचों से इस तरह की बयानबाजी बढ़ती है, तो विदेशी और घरेलू निवेशकों में आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंताएं गहराने लगती हैं, जो राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए एक नकारात्मक संकेत है।

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