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नीट विवाद पर सियासत तेज: राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, नेताओं की हिरासत के खिलाफ देश भर में प्रदर्शनराजनीति
22 जुल॰ 2026, 4:40 pm (13 घंटे पहले)· 2

नीट विवाद पर सियासत तेज: राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, नेताओं की हिरासत के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन

नीट परीक्षा के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है, जहां राहुल गांधी ने काली पट्टी बांधकर सरकार की कार्यशैली और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने का मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है और पूरे देश का ध्यान इस ओर खिंचा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए विरोध स्वरूप अपनी बांह पर काली पट्टी बांधी हुई है। उन्होंने सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया है कि छात्रों ने ऐसा क्या अपराध किया था जिसके कारण उनकी पिटाई की गई। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 साल के भीतर देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, लेकिन इन मामलों में किसी को भी सजा नहीं मिली है। इसके साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की है।

दिल्ली से लेकर पूरे देश में व्यापक विरोध

कांग्रेस पार्टी ने जंतर मंतर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई और अपने प्रमुख नेताओं की हिरासत के खिलाफ पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह सारा हंगामा नीट परीक्षा के लीक होने वाले मामले और सरकार के रवैये से जुड़ा है। इससे पहले मंगलवार के दिन राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक निवास 7, लोक कल्याण मार्ग के नजदीक एक बड़ा धरना दिया था। इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव जैसे कई बड़े और प्रमुख नेता भी शामिल हुए थे। ये सभी नेता अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर ही धरने पर डट गए थे।

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नेताओं की हिरासत और देर रात रिहाई

इस धरने के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर राहुल गांधी से बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। हालांकि इस लंबी बातचीत के बाद भी कांग्रेस नेता और अन्य राजनीतिक चेहरे प्रधानमंत्री आवास के बाहर से हटने को तैयार नहीं हुए। करीब 3 घंटे तक चले इस भारी गतिरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी ओर से कार्रवाई की और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इन सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में रखने के बाद देर रात जाकर रिहा किया, जिससे विपक्ष का गुस्सा और भी ज्यादा भड़क गया।

केंद्रीय मंत्री की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया

विपक्ष के इस भारी धरने और प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ तीखा प्रहार किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना कड़ा बयान जारी करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता संसद के मॉनसून सत्र के दौरान जानबूझकर हंगामा खड़ा करने के लिए छात्रों को एक राजनीतिक हथियार के रूप में बेशर्मी से इस्तेमाल कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने के फैसले से आम जनता को काफी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़े तय नियमों की भी पूरी तरह से अनदेखी की गई।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने काली पट्टी क्यों बांधी है?
उन्होंने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और नीट पेपर लीक मामले में सरकार के रवैये के खिलाफ विरोध जताने के लिए काली पट्टी बांधी है।
विपक्षी नेताओं ने अपना धरना कहां दिया था?
नेताओं ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर अपना धरना दिया था।
दिल्ली पुलिस ने किन नेताओं को हिरासत में लिया था?
धरना खत्म करने से इनकार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया था।
विरोध प्रदर्शनों के बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद के मॉनसून सत्र के दौरान हंगामा करने के लिए छात्रों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
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