चेन्नई से खबर है कि तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 7 सितंबर को होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आम लोगों और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। दरअसल गृह विभाग को लेकर अनुदान मांगों पर होने वाली बहस का जवाब खुद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय देंगे, और यही वजह है कि विजिटर गैलरी की सीटें हाथों-हाथ बुक हो गई हैं।
शनिवार शाम तक ही ज्यादातर सीटें फुल
विधानसभा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक स्कूल-कॉलेज के विज़िटर्स के लिए तय ऑनलाइन रिजर्वेशन प्रक्रिया शनिवार शाम तक लगभग पूरी तरह भर चुकी थी। सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच का स्लॉट सबसे पहले पूरी तरह बुक हो गया, वहीं शाम करीब 7:30 बजे तक सुबह 10:30 से 11 बजे वाले स्लॉट में भी गिनी-चुनी सीटें ही बाकी बची थीं। अधिकारियों का कहना है कि इतनी तेजी से सीटें भरना खुद बताता है कि विजय के 7 सितंबर वाले तय जवाब को लेकर लोगों में उत्सुकता कितनी ज्यादा है।
गृह विभाग की बहस को इतनी अहमियत क्यों दी जा रही है
अधिकारियों के मुताबिक इस भारी भीड़ के पीछे दो बड़ी वजहें हैं, सदन में खुद मुख्यमंत्री की मौजूदगी और गृह विभाग से जुड़ी बहस की गंभीरता। यह विभाग कानून-व्यवस्था, पुलिस बंदोबस्त, जनता की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों को संभालता है। यही वजह है कि इस बार सरकार की तरफ से आने वाला जवाब मौजूदा सत्र के सबसे अहम पलों में गिना जा रहा है, और लोग इसे लाइव देखने से चूकना नहीं चाहते।
छात्रों को कैसे मिलेगा विजिटर पास
सदन की कार्यवाही देखने के इच्छुक छात्रों को विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध खास सुविधा के जरिए पहले से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। इस सुविधा से स्कूल-कॉलेज समूह में आवेदन कर सकते हैं और अकेले आवेदन करने वाले छात्र भी उपलब्धता और तय प्रवेश नियमों के आधार पर अपनी सीट पहले से बुक कर सकते हैं। सदन के अंदर बैठने के दो तरीके हैं, आठ बॉक्स-नुमा गैलरी बनी हैं जिनमें हर एक में सिर्फ पांच सीटें हैं, जबकि हॉल के दोनों तरफ की लंबी बेंचों पर एक ही समय में तकरीबन 100 से 150 विज़िटर्स समा सकते हैं। यानी बेंच वाली सीटें भले ज्यादा हों, लेकिन बॉक्स गैलरी की सीमित सीटें बहुत जल्दी भर जाती हैं।
नई सरकार बनने के बाद से बढ़ी विज़िटर्स की तादाद
विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि टीवीके की अगुआई वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से सदन में आने वाले विज़िटर्स की संख्या पहले से ही तेजी से बढ़ी हुई है। जिस भी दिन विजय खुद सत्र में मौजूद रहते हैं, गैलरी और बेंचों की मांग और बढ़ जाती है, क्योंकि बहुत सारे लोग मुख्यमंत्री को अपनी आंखों के सामने देखना चाहते हैं और यह भी समझना चाहते हैं कि सदन के अंदर कामकाज कैसे चलता है। अधिकारी के मुताबिक विधानसभा की कार्यवाही देखने अब हर दिन औसतन 2,000 से 3,000 लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि यह आंकड़ा पूरे दिन में अलग-अलग स्लॉट में आने वाले कुल विज़िटर्स का है, न कि किसी एक समय पर गैलरी और बेंचों पर एक साथ बैठे लोगों की गिनती का। बहरहाल, रिजर्वेशन का इस तरह से भर जाना यही दिखाता है कि युवाओं के बीच विधायी बहसों और नई सरकार के अब तक के कामकाज को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।



















